Location: Garhwa
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने 13 दिसंबर 2025 को रंका प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, शिवनाला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में मध्यान भोजन योजना (एमडीएम) बंद पाई गई, जिसे उपायुक्त ने गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताया।
गौरतलब है कि मध्यान भोजन योजना भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पोषणयुक्त एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराना है। यह योजना बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाती है। सरकार इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अत्यंत गंभीर है।
औचक निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तथा सरस्वती वाहिनी सह माता समिति की संयोजिका से स्पष्टीकरण मांगा। प्राप्त स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाए जाने पर उपायुक्त ने सख्त निर्णय लिया।
मध्यान भोजन योजना के संचालन में लापरवाही के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं सरस्वती वाहिनी सह माता समिति की संयोजिका को दोषी मानते हुए जिला शिक्षा अधीक्षक को समिति भंग कर नई समिति के गठन का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही विद्यालय में पदस्थापित संबंधित शिक्षक के विरुद्ध वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) में कटौती करने का आदेश भी जारी किया गया है।
उपायुक्त दिनेश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के पोषण, शिक्षा और भविष्य से जुड़ी योजनाओं में शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और अनुकरणीय कार्रवाई जारी रहेगी।











