
Location: रांची
रांची: हजारीबाग जिले के बरही विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर अकेला ने अपनी सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। चंदवारा प्रखंड के बीडीओ, सीओ और कल्याण पदाधिकारी पर सरकारी योजनाओं में और विधायक कोटा में कमीशन लेने का आरोप लगाते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रखंड कार्यालय के गेट पर उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। रात भर वह धरने पर रहे। उन्होंने कहा है कि प्रखंड कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। बिना पैसा लिए और कमीशन का कोई काम नहीं होता। अधिकारी इतने निडर हो गए हैं कि विधायक कोटा का काम भी कमीशन के लिए रोक कर रखते हैं। हमारी अनुशंसा पर भी काम नहीं होता। यहां की बीडीओ मनमानी कर रही हैं। महिला होने का नाजायज फायदा उठा रही हैं। कनक नाम है हनक दिखती हैं। सीओ और कल्याण पदाधिकारी का भी यही हाल है। पूरा प्रखंड कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर वह लोकतांत्रिक तरीके से धरना दे रहे हैं। विधायक के धरना पर बैठने की सूचना के बाद ग्रामीण विकास मंत्री इरफान अंसारी ने उनसे बात कर उन्हें मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। उनका कहना है कि अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए । उमाशंकर अकेला ने कहा, मेरे धरने पर बैठने के बावजूद डीसी या किसी पदाधिकारी ने कोई बात नहीं की। इससे समझा जा सकता है कि अधिकारियों का रवैया क्या है। विधायक की भी बात नहीं सुनी जा रही है। हमारी सरकार है फिर भी हमारी नहीं सुनी जाती है।