चंपई रंग के भगवा होने के बाद अब हरे रंग की पहचान रखने वाले लोबिन हेंब्रम भी हुए भाजपाई, बदल गया पहनावा

रांची: चंपई रंग के भगवा होने के दूसरे दिन ही झारखंड मुक्ति मोर्चा को एक और झटका लगा। संथाल परगना के बड़े आदिवासी नेता और झारखंड आंदोलनकारी, शिबू सोरेन के साथी लोबिन हेंब्रम भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। हेंब्रम झारखंड मुक्ति मोर्चा से कितने प्रभावित थे और उनके जीवन पर इस पार्टी का कैसा गहरा रंग था कि वह हमेशा हरे रंग में ही नजर आते थे। उनकी पहचान हरे रंग की ड्रेस थी। हरे रंग के कारण सभी विधायकों में उनकी एक अलग पहचान थी। अब इस पहचान को उन्होंने खत्म कर दी। वह भगवा रंग में रंग गए। हरा पर भगवा चढ़ गया। आज पहली बार उनके ड्रेस में हरा रंग शामिल नहीं था। वह पीले कपड़े में नजर आए और भगवा दुपट्टा धारण कर लिया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने उन्हें सदस्यता दिलाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा को आज उन्होंने अलविदा कह दिया। इस मौके पर असम के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, मधु कोड़ा सहित पार्टी के कई बड़े नेता भी मौजूद थे।
लोबिन हेंब्रम संथाल परगना इलाके के एक बड़े आदिवासी नेता हैं। पार्टी में रहकर हेमंत सरकार की हर गलत नीतियों का विरोध किया। सरकार के खिलाफ विधानसभा में भी आवाज उठाते रहे। सरकार हेंब्रम को बागी मानती थी लेकिन उनका कहना था कि वह बागी नहीं हैं। पार्टी ने चुनाव के पहले जनता से जो वादे किए थे, मैं उसी वादे को याद कराकर उसे पूरा करने को कहता था। भाजपा में शामिल होने के बाद हेंब्रम ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब शिबू सोरेन वाली पार्टी नहीं रही। हेमंत सोरेन पार्टी के आदर्शों और नीतियों से पूरी तरह भटक गए हैं। वह बड़े नेताओं का अपमान करते हैं और पार्टी में मनमानी करते हैं। गुरु जी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है। वह कहा करते थे कि गलत का हमेशा विरोध करो। पार्टी में आज किसी का मान सम्मान नहीं रह गया है।
  ज्ञात हो कि लोबिन हेंब्रम ने राजमहल से झारखंड मुक्ति मोर्चा के अधिकृत प्रत्याशी विजय हांसदा के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसके बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उन्हें पार्टी निष्कासित कर दिया था। पार्टी की शिकायत पर  विधानसभा अध्यक्ष ने दल बादल कानून के तहत उनकी सदस्यता खत्म कर दी थी। लोबिन हेंब्रम ने इस मामले को हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है।वह बोरियो के विधायक थे। बड़े नेता हैं। बेबाक बोलते हैं। पार्टी में भी उनकी अलग पहचान थी।
लोबिन हेंब्रम के भाजपा में शामिल होने के बाद संथाल परगना में भाजपा को एक मजबूत नेता मिल गया। कल कोल्हान टाइगर चंपई।सोरेन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा को झटके पर झटका लग रहा है।

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Sunil Singh

Sunil Singh is Reporter at Aapki khabar from Ranchi, Jharkhand.

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