Location: सगमा
सगमा प्रखंड क्षेत्र में उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का श्रद्धा और भक्ति पूर्ण वातावरण में समापन हुआ।
नहाय-खाय से शुरू हुए इस पर्व के दौरान प्रखंड के पांचों पंचायतों — सगमा, बीरबल, पूतूर, सोनडीहा, सारदा कट हर कला खुर्द, मकरी, चैनपुर, घघरी, दुसैया और झूंका — में आस्था और समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिला।
गरीब-अमीर, ऊँच-नीच का भेद मिटाते हुए सभी श्रद्धालु एक कतार में खड़े होकर भक्ति और आस्था के रंग में डूबे नजर आए। सभी छठ घाटों और देव स्थलों को साफ-सफाई, झालर-बाती और रोशनी से सजाया गया था। कहीं भक्ति जागरण तो कहीं धार्मिक सीरियल का प्रसारण माहौल को भक्तिमय बना रहा।
बीरबल गांव स्थित मालिया नदी किनारे सूर्य मंदिर परिसर में सबसे अधिक व्रती महिलाओं की भीड़ उमड़ी।
पंचायत के मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा ने लगातार सातवें वर्ष भी लगभग 1200 व्रती महिलाओं के बीच नारियल व प्रसाद का वितरण किया।
इस अवसर पर धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राऊत, मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा, प्रमुख अजय शाह सहित पूजा समिति के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। पूजा समिति के अध्यक्ष बालेश्वर यादव ने सभी अतिथियों का भगवा अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
छठ महापर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धर्म और आस्था समाज को जोड़ने का माध्यम हैं, जो ऊँच-नीच और वर्गभेद मिटाकर सभी को एक साथ खड़ा कर देते हैं।











