Location: Ramana
रमना। केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं, निजीकरण नीति और मनरेगा में बदलाव सहित कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ गुरुवार को आहूत हड़ताल के समर्थन में विपक्षी दलों एवं विभिन्न ट्रेड यूनियनों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रखंड मुख्यालय स्थित भगत सिंह चौक के समीप गढ़वा–श्री बंशीधर नगर मुख्य मार्ग पर धरना-प्रदर्शन के दौरान करीब 45 मिनट तक सड़क जाम रहा, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। बाद में रमना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझा-बुझाकर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की चारों श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इससे पूंजीपतियों को लाभ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों से श्रमिकों के अधिकार कमजोर होंगे। नेताओं ने सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर घटेंगे और बेरोजगारी बढ़ेगी।
वक्ताओं ने मनरेगा में किए गए बदलावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे पंचायतों की भूमिका कमजोर होगी तथा योजनाएं केंद्र से थोपी जाएंगी। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार की नीतियों से किसान और मजदूर दोनों वर्गों को नुकसान हो रहा है।
सभा को भाकपा जिला सचिव रामेश्वर प्रसाद अकेला, राजद प्रदेश महासचिव अभय कुमार पांडेय, सीपीआइएम जिला सचिव जयप्रकाश गुप्ता, कांग्रेस सेवादल जिला संगठक ईश्वरी चौधरी, राजकुमार सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में विनोद ठाकुर, रोहित पांडेय, नौरंगी पाल, राजकुमार भुइया, मुन्ना राम, सुनेश्वर चंद्रवंशी, विद्या पासवान, रामनाथ उरांव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।











