विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच टकराव : लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी

Location: Garhwa

गढ़वा जिले में झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ (झासा) की बैठक में विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ लिए गए कड़े निर्णय ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते टकराव को उजागर कर दिया है। झासा की जिला इकाई ने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि संगठन का कोई भी सदस्य भविष्य में विधायक द्वारा आयोजित किसी बैठक या कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। यह निर्णय सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक मर्यादाओं पर सवाल खड़े करता है।

बैठक में 23 मई को समाहरणालय के सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति की समीक्षा बैठक के दौरान हुई घटनाओं का हवाला दिया गया, जिसमें झासा ने विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर वन विभाग के एक अधिकारी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी के प्रति अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया है। झासा ने इसे अपमानजनक और असंसदीय बताते हुए इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

इस घटनाक्रम के पीछे का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि गढ़वा जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के बीच विधानसभा चुनाव के बाद से ही खटास बनी हुई है। यह भी माना जा रहा है कि सत्ता संरक्षण की आड़ में प्रशासनिक संगठन द्वारा यह निर्णय लिया गया है, जो सामान्य प्रशासनिक परंपराओं से कुछ हटकर प्रतीत होता है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि अब तक झासा द्वारा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी के खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई थी। ऐसे में अचानक लिया गया यह निर्णय संगठन की मर्यादा और निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। साथ ही, इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आने की संभावना भी बढ़ जाती है, क्योंकि जनप्रतिनिधि और अधिकारी यदि आपसी तालमेल से काम न करें तो योजनाएं सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं।

वर्तमान स्थिति में यह आवश्यक हो गया है कि दोनों पक्ष आत्मचिंतन करें। लोकतंत्र में संवाद और सहमति ही रास्ता है, टकराव नहीं। जनप्रतिनिधियों को यह समझना होगा कि उनका व्यवहार उदाहरणीय होना चाहिए, वहीं अधिकारियों को भी प्रशासनिक मर्यादाओं और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए।

यह टकराव केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यवस्था की नींव को प्रभावित कर सकता है। अतः यह समय है कि गढ़वा के विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी और प्रशासनिक अधिकारी परस्पर संवाद के माध्यम से मतभेद सुलझाएं और क्षेत्रीय विकास में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाएं।

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  • Vivekanand Upadhyay

    Location: Garhwa Vivekanand Updhyay is the Chief editor in AapKiKhabar news channel operating from Garhwa.

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