Location: Manjhiaon
मझिआंव/बरडीहा: बरडीहा प्रखंड के सलगा पंचायत अंतर्गत भवनाथपुर वन क्षेत्र के सलगा गांव में वन भूमि पर अतिक्रमण, सरकारी रास्ता बाधित किए जाने तथा वनकर्मियों पर रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, डीएफओ एवं बरडीहा अंचल पदाधिकारी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सलगा बैगा टोला निवासी सुरेंद्र यादव (40 वर्ष) एवं मुकेश यादव (32 वर्ष), दोनों पिता दुनमुन यादव, ने खाता संख्या 210, प्लॉट संख्या 302 की वन भूमि तथा सार्वजनिक रास्ते पर कच्चा खपरैल मकान बनाकर एवं बोरिंग कर अतिक्रमण कर रखा है। आवेदन के अनुसार विवाद बढ़ने पर निजी अमीन से भूमि की नापी कराई गई, जिसमें लगभग 50 कड़ी रास्ता अतिक्रमण की जद में पाया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि नापी के बाद रास्ता खाली करने की मांग करने पर सुरेंद्र यादव एवं मुकेश यादव ने नापी मानने से इनकार कर दिया तथा गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडा एवं धारदार हथियार के बल पर जान से मारने की धमकी दी। ग्रामीणों ने दोनों को दबंग और झगड़ालू प्रवृत्ति का व्यक्ति बताया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले की सूचना वन विभाग के फॉरेस्टर अनुप कुमार एवं वनरक्षी सुनील राय को दी गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि दोनों वनकर्मियों ने 20 हजार रुपये देने पर अतिक्रमण हटवाने और रास्ता दिलाने की बात कही थी। इस आरोप की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है।
सलगा पंचायत के मुखिया उमेश प्रजापति ने भी आवेदन पर अपनी लिखित टिप्पणी देते हुए सुरेंद्र यादव और मुकेश यादव पर मनमानी करने तथा ग्रामीणों को परेशान करने का आरोप लगाया है।
वहीं, वन भूमि पर अतिक्रमण के आरोपित सुरेंद्र यादव ने कहा कि सरकारी अमीन द्वारा मापी कराए जाने के बाद ही वे अतिक्रमण हटाने पर विचार करेंगे।
इधर फॉरेस्टर अनुप कुमार एवं वनरक्षी सुनील राय ने रिश्वत मांगने के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की जमीन पर अतिक्रमण करने के आरोप में सुरेंद्र यादव एवं उनके भाई मुकेश यादव के पिता दुनमुन यादव के विरुद्ध वन विभाग की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है और अब मामले में न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में बीडीओ सह सीओ राजेश कुमार ने बताया कि प्राप्त आवेदन के आलोक में संबंधित राजस्व कर्मचारी एवं अंचल अमीन को स्थल जांच का निर्देश दिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आवेदन देने वालों में पंचायत के मुखिया उमेश प्रजापति सहित बिहारी यादव, रामबली यादव, कविता देवी, पिंटू यादव, अर्जुन यादव, उपेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, दिनेश यादव, अनिरुद्ध यादव, नरेश यादव, राजेश्वर यादव, सरोज देवी, बरती देवी, प्रेमनी देवी, संजू देवी, मनोज रजवार, तारा देवी, हरि रजवार, लालू रजवार, अजय रजवार, प्रवेश राम, रीना देवी, विजय रजवार समेत करीब चार दर्जन ग्रामीणों के नाम शामिल हैं।