Location: Garhwa

गढ़वा। गढ़वा जिले के मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत के विरुद्ध कथित अवैध वसूली, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए गढ़वा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। विधायक ने 29 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर मामले की गंभीरता से जांच कराने का आग्रह किया है।
पत्र में विधायक ने कहा है कि थाना प्रभारी विष्णुकांत 10 मार्च 2024 से मेराल थाना में पदस्थापित हैं। उनके खिलाफ गंभीर आरोप और शिकायतें लगातार सामने आने का दावा करते हुए कहा गया है कि पद और प्रभाव का कथित दुरुपयोग कर लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर अवैध धन की वसूली की जाती है।
विधायक के पत्र में आरोप लगाया गया है कि मेराल क्षेत्र में बालू परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों से प्रति माह अवैध रूप से राशि वसूली जाती है तथा बालू की कथित कालाबाजारी को संरक्षण दिया जाता है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य निर्माण कार्यों के लिए बालू ले जाने वाले लोगों के ट्रैक्टर पकड़े जाने और कार्रवाई का भय दिखाकर भी कथित रूप से राशि वसूले जाने का आरोप लगाया गया है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि वाहन जांच के दौरान उचित कार्रवाई अथवा चालान करने के बजाय कथित रूप से नकद राशि लेकर वाहनों को छोड़ दिया जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है।
सत्येंद्रनाथ तिवारी ने थाना प्रभारी पर पदस्थापन के दौरान बड़ी मात्रा में चल-अचल संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप लगाया है। पत्र में उनके बैंक खातों, लेन-देन, निवेश, जमीन, मकान, वाहनों और अन्य परिसंपत्तियों की जांच आयकर एवं भ्रष्टाचार निरोधक मानकों के अनुरूप कराने की मांग की गई है।
पत्र में थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से निकट संबंध होने का प्रभाव दिखाने संबंधी बातों का भी उल्लेख किया गया है। विधायक ने कहा है कि थाना स्तर पर अवैध वसूली से संबंधित शिकायतें क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई हैं और आरोपों की सत्यता केवल स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है।
विधायक ने गृह मंत्रालय से मामले की शीघ्र जांच कराने, आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा कथित रूप से अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की मांग की है।
पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), प्रवर्तन निदेशालय (ED), झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), CID, झारखंड के पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग झारखंड, पलामू के पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा गढ़वा के पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है।
नोट: उपरोक्त आरोप विधायक द्वारा गृह मंत्रालय को भेजे गए पत्र में लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस पत्र से नहीं होती है।











