Location: Ranka
रंका प्रतिनिधि। गढ़वा जिले के रंका अनुमंडल अंतर्गत विश्रामपुर पंचायत के बरवहा टोला में कूटकू मंडल डैम के विस्थापितों को बसाने के प्रस्ताव के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश तेज हो गया है। इसी क्रम में गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी मंगलवार को बरवहा टोला पहुंचे और ग्रामीणों के साथ बैठक की।
ग्रामीणों ने विधायक का पारंपरिक तरीके से मांदर की थाप पर स्वागत किया तथा पलाश के फूल से बने बुके और सखुआ के पत्तों की टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पिटाई से जुड़े मामलों सहित अपनी समस्याएं विधायक के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मामूली सवाल उठाने पर उनके साथ मारपीट की गई। राजेंद्र बड़ाइक और सुरेश उरांव समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर विस्थापितों को यहां बसने नहीं देंगे और प्रशासन से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी ने कहा कि झारखंड में पेसा कानून लागू है, ऐसे में अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी को बसाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना ग्रामसभा की सहमति के एक हजार एकड़ वन भूमि पर 780 परिवारों को बसाने की योजना बनाई गई है, जो गलत है।
उन्होंने 7 मार्च को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों पर हुई पिटाई की घटना की निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले को जिला से लेकर केंद्र स्तर तक उठाया जाएगा और यदि समाधान नहीं निकला तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
विधायक ने यह भी कहा कि घायल ग्रामीणों के इलाज की जिम्मेदारी वे स्वयं उठाएंगे। इस मौके पर मंगलमूर्ति तिवारी, विधायक प्रतिनिधि विवेकानंद तिवारी, मुरारी यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।











