▫️विद्यालय में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को दिलाई गई सुरक्षा की शपथ
उपायुक्त, गढ़वा अनन्य मित्तल से प्राप्त निर्देश के आलोक में जिला परिवहन कार्यालय गढ़वा द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत विद्यालय में छात्राओं के बीच जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी दी गई तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं से सड़क पर चलते एवं वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, ओवरस्पीड से बचने तथा मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को सुरक्षित सड़क उपयोग के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता एवं नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। साथ ही नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने एवं सड़क पार करते समय विशेष सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान छात्राओं एवं शिक्षकों को सड़क सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। शपथ में यातायात नियमों का पालन करने, सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने का संकल्प दिलाया गया। विद्यालय परिवार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकों, छात्राओं एवं संबंधित अधिकारियों का सराहनीय योगदान
जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जन भागीदारी अभियान के तहत समाहरणालय सभागार में भव्य कार्यक्रम आयोजित
जनजातीय गरिमा उत्सव का विशेष रूप से दिनांक 18 मई से 25 मई 2026 तक आयोजन कर किया जायेगा जनजातीय उत्थान का कार्य
गढ़वा। दिनांक 18 मई 2026 को “जनजातीय गरिमा उत्सव, जन भागीदारी अभियान – सबसे दूर, सबसे पहले” के तहत समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, गढ़वा जिले के विभिन्न आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि, झारखंड प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा एवं उनके सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री मित्तल ने कहा कि जनजातीय समाज हमारे सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने का अभिन्न हिस्सा है। सरकार द्वारा संचालित “सबसे दूर–सबसे पहले” अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनजातीय समुदायों के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है तथा जनभागीदारी से ही विकास की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पीवीटीजी (जनजातीय समुदायों) के उत्थान के लिए कई जन कल्याणकारी योजनाएं यथा पीएम जनमन एवं धरती आबा जनजातीय कल्याण उत्थान जैसे कार्य किया जा रहे हैं जिसके तहत जनजातीय समुदायों से जुड़े मामलों एवं उनके हक अधिकार के कार्य किया जा रहे हैं। इसी कड़ी में उनकी समस्याओं के त्वरित निष्पादन एवं योजनाओं से आच्छादन हेतु दिनांक 18 मई 2026 से 25 मई 2026 तक विशेष रूप से कैंप का आयोजन करते हुए उनकी समस्याओं को दूर करने हेतु “जनजातीय गरिमा उत्सव, जन भागीदारी अभियान, सबसे दूर-सबसे पहले” का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित जिला कल्याण पदाधिकारी एवं प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों समेत संबंधित अन्य संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ आयोजित इन निर्धारित तिथियों में जनजातीय समुदाय के समस्याओं को हल करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय गरिमा उत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान, पहचान और अधिकारों को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज के बीच समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को धरातल तक पहुंचाना प्राथमिकता है, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं का लाभ सुनिश्चित हो सके।
वहीं जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समुदायों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से जनजातीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने समुदाय के लोगों से योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने अधिकारों एवं अवसरों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनजातीय समुदाय के हीरामन कोरवा, रतन सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपनी भागीदारी निभाई और विभिन्न योजनाओं एवं विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा जनजातीय समाज के उत्थान और सम्मान के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया गया।
ईवीएम–वीवीपैट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण: सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की उपायुक्त ने की गहन समीक्षा
गढ़वा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री अनन्य मित्तल ने आज ईवीएम–वीवीपैट वेयरहाउस का मासिक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुरक्षा एवं रख-रखाव व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में सुरक्षित रखी गई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) एवं वोटर वेरीफायबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) मशीनों की भौतिक स्थिति, सुरक्षा मानकों, रख-रखाव तथा रिकॉर्ड संधारण की गहन समीक्षा की गई।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने वेयरहाउस परिसर की समग्र व्यवस्था का अवलोकन करते हुए सुरक्षा प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, तैनात सुरक्षा बलों एवं अग्निशमन उपकरणों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तैनात सशस्त्र सुरक्षा बलों को अपने कर्तव्यों एवं जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क, सजग और सक्रिय बने रहने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों का पूर्ण निष्ठा और तत्परता के साथ अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।
निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुशील कुमार राय, कोषागार पदाधिकारी श्री प्रशांत मिंज सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण भी उपस्थित रहे।
▫️नव नियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों का एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन
▫️ परिक्ष्यमान प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को उनके विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
▫️ सकारात्मकता के साथ गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का निर्देश
आज दिनांक- 18 मई 2026 को उपायुक्त, गढ़वा अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में नव नियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन समाहरणालय के सभागार में आयोजित की गई। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में परिक्ष्यमान प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को उनके विभागीय कार्यों एवं योजनाओं के संचालन इत्यादि के संबंध में जानकारी दी गई। इससे पूर्व उपायुक्त अनन्य मित्तल, उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा एवं जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने विधिवत रूप से द्वीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
इस दौरान उपायुक्त श्री मित्तल ने सभी नव नियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनायें दीं तथा उनके विभागीय कार्यों एवं योजनाओं के संचालन इत्यादि के संबंध में जानकारी दिए जाने के उपरांत उनके द्वारा प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों के कर्तव्यों से उन्हें अवगत कराते हुए सकारात्मकता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा ने भी नव नियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को उनके कर्तव्यों से अवगत कराते हुए सतर्कता सकारात्मक एवं पारदर्शिता के साथ योजनाओं के संचालन की बात कही गई तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न बिंदुओं पर दिए गए आवश्यक जानकारी को अमल करने का निर्देश दिया गया।
जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया गया तथा उपस्थित सभी नवनियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को विभागीय कार्यो एवं योजनाओं इत्यादि के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को विभागीय संगठन एवं संरचना, कार्य एवं उत्तरदायित्व, कार्यालय कार्य की प्रक्रिया, संचिका का संधारण, प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया, आंकड़े का संधारण, कंप्यूटर का मूलभूत जानकारी की आवश्यकता, विभिन्न विभागीय योजनाओं के विषय में योजनावार जानकारी, विभाग अंतर्गत विभिन्न अधिनियमों की जानकारी, ऑडिट से संबंधित जानकारी आदि के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके अतिरिक्त कार्यालय प्रबंधन एवं अनुशासन, ह्युमन रिसोर्स मैनेजमेंट, विहेवियर एंड एथिकल इश्यूज, फ़ाइल ट्रैकिंग, बजट प्रक्रिया तथा योजनाओं का सृजन, कार्यान्वयन एवं अनुश्रवन आदि के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
जिला कल्याण पदाधिकारी श्री प्रकाश द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को विभाग के मुख्य योजनाएं यथा- छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य योजनाएं, संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, आजीविका एवं कौशल विकास, केंद्र संपोषित योजनाएं, विभाग के अंतर्गत कार्यरत निगम व संस्थान आदि के बारे में भी बताया गया तथा इसके अंतर्गत संचालित योजनाओं के सही संचालन व कार्यान्वयन के संबंध में प्रकाश डाले गयें।
उन्होंने भी सभी नवनियुक्त प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को उनके कर्तव्यों के अनुरूप निष्ठापूर्वक कार्य करने हेतु प्रेरित किया तथा वर्तमान में सरकार द्वारा आमजनों के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को योग्य व्यक्तियों तक पहुंचाने की बात कही गई। साथ ही वर्तमान में दिनांक- 18 मई से 25 मई 2026 तक आयोजित किए जाने वाले “जनजातीय गरिमा उत्सव जन भागीदारी अभियान- सबसे दूर सबसे पहले” में जनजातीय समुदायों के कल्याणार्थ चलाये जा रहे योजनाओं का सही संचालन करते हुए पात्र लाभुकों को लाभान्वित करने एवं उनकी समस्याओं को यथासंभव निष्पादित करने का निर्देश दिया गया
▫️गढ़वा शहरी क्षेत्र अंतर्गत निर्मित सड़क एवं नाली के प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन
▫️आगामी वर्षा ऋतु के आगमन से पूर्व जल निकासी के आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश
गढ़वा शहरी क्षेत्र अंतर्गत निर्मित सड़क एवं नाली के प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक का आयोजन आज उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में उनके कार्यालय प्रकोष्ठ में संपन्न हुआ, जिसमें मुख्य रूप से कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमण्डल, गढ़वा, कार्यपालक अभियंता, SHAJ (State Highways Authority of Jharkhand), राँची एवं कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, गढ़वा उपस्थित थें।
बैठक का मुख्य बिंदु गत दिनों मात्र कुछ मिनटों के बारिश से गढ़वा शहरी क्षेत्र में कई सड़कों पर भारी जलजमाव तथा नाली का सारा गंदगी एवं पानी सड़क पर बहने/घरों में घुसने का मामला संज्ञान में आने के उपरांत बेहतर जल निकासी की व्यवस्था करने को लेकर समीक्षा की गई। गढ़वा शहरी क्षेत्र अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क एवं नाली स्थितियों पर चर्चा करते हुए विचार विमर्श किए गए। गढ़वा शहर अंतर्गत मुख्यतः चिनिया रोड एवं मेन रोड में रंका मोड़ से मंझिआंव मोड तक हो रहे जल जमाव की निकासी पर विचार किया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि चिनिया रोड में जल जमाव (वाटर लॉकिंग) की समस्या से निजात पाने के लिए क्रॉस ड्रेन बनाकर सहिजना के तरफ जल निकासी किया जा सकता है। उक्त कार्य हेतु संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल गढ़वा को आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं मेन रोड में रंका मोड़ से मंझिआंव मोड तक हो रहे जल जमाव की समस्या से निबटने हेतु सड़क किनारे बनाई हुई पूर्व से नालियों (एग्जिस्टिंग ड्रेन) का रिस्कॉपिंग कर विभाग को भेजने का निर्णय लिया गया। परन्तु तत्काल में तब तक जल निकासी की समस्या न हो, इसके लिए नालियों की बेहतर साफ-सफाई करने का निर्देश दिया गया ताकि जल निकासी का कार्य सुचारू रूप से हो सके। इस कार्य में समन्वय बनाते हुए आवश्यक कार्रवाई करने हेतु कार्यपालक अभियंता, SHAJ (State Highways Authority of Jharkhand), राँची एवं कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, गढ़वा को निदेशित किया गया।
उक्त समीक्षात्मक बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त तकनीकी विभागों के कनीय अभियंता, नगर परिषद के सिटी मैनेजर एवं सभी संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थें।
झार जल पोर्टल बना राहत का माध्यम, उपायुक्त ने लंबित शिकायतों पर दिखाई सख्ती
झार जल पोर्टल से पेयजल समस्याओं के समाधान में तेजी, उपायुक्त ने की समीक्षा
उपायुक्त ने दिए निर्देश–7 दिनों से अधिक लंबित न रहे कोई भी शिकायत
गढ़वा। लगातार बढ़ते तापमान के बीच जिले में पेयजल संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय और सतर्क नजर आ रहा है। आमजन को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल ने अपने कार्यालय कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झार जल पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने विभिन्न प्रखंडों में लंबित शिकायतों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं कनीय अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि चापाकल, जलमीनार तथा पेयजल आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के लॉग-इन में सात दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए।
उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि तय समयसीमा के बाद लंबित शिकायतें पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि झार जल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट नियमित रूप से साझा की जाए, ताकि विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो और समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके।
बैठक में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, गढ़वा अजय कुमार सिंह ने बताया कि झार जल पोर्टल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में तेजी लाई गई है। उन्होंने जानकारी दी कि टोल फ्री नंबर 1800-3456-502, व्हाट्सएप नंबर 9470176001, ई-मेल तथा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और उनका त्वरित समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 18 मई 2026 तक जिले में चापाकल मरम्मत, लघु एवं वृहत जलापूर्ति योजनाएं, पाइपलाइन लीकेज, जलापूर्ति बाधित होने, जल गुणवत्ता, शौचालय एवं स्वच्छता सहित विभिन्न मामलों से संबंधित कुल 1540 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें 245 शिकायतें प्रखंड विकास पदाधिकारियों के लॉग-इन तथा 94 शिकायतें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के लॉग-इन में लंबित हैं, बाकी सभी शिकायतों का समाधान किया जा चुका है।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना झार जल पोर्टल अथवा उपलब्ध माध्यमों के जरिए अवश्य दें, ताकि त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई कर लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके