Location: सगमा
सचिदानंद प्रसाद यादव का शुक्रवार को लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे पुतुर गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों, ग्रामीणों एवं शुभचिंतकों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार 59 वर्षीय सचिदानंद प्रसाद यादव पिछले करीब एक वर्ष से शुगर एवं किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। बेहतर इलाज के लिए उन्हें करीब डेढ़ माह पूर्व लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि उनकी किडनी पूरी तरह काम करना बंद कर चुकी है। इसके बाद उनकी पत्नी चंपा देवी ने अपनी एक किडनी दान कर उनका प्रत्यारोपण कराया। ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति में कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन शुक्रवार दोपहर इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
बताया जाता है कि सचिदानंद प्रसाद यादव एक कुशल शिक्षक होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। अपने सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण वे क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे। उनकी सेवा अवधि अभी लगभग एक वर्ष शेष थी।
उनके निधन से शिक्षा विभाग एवं गांव में गहरा शोक व्याप्त है। परिजनों के अनुसार उनका पार्थिव शरीर देर रात तक गांव पहुंचने की संभावना है।