Location: Garhwa
गढ़वा। दिनांक 10 जुलाई 2025 (गुरुवार) को विशेष न्यायाधीश पोक्सो श्री दिनेश कुमार की अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए गए धुरकी थाना क्षेत्र के कदमा भंडार निवासी सुशील पासवान को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,25,000 रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला विशुनपुरा थाना कांड संख्या-30/2023, दिनांक 21 जुलाई 2023 से जुड़ा है। प्राथमिकी आवेदिका द्वारा इस आधार पर दर्ज कराई गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री 19 जुलाई को स्कूल से आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र लाने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। बाद में एक अज्ञात नंबर से मिस्ड कॉल आने पर जब आवेदिका ने उस नंबर पर कॉल किया, तो आरोपी सुशील पासवान से बात हुई। इसके बाद थाना को सूचना दी गई और प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस जांच में पता चला कि सुशील पासवान लड़की को लेकर सूरत चला गया था, जहां उसे एक कमरे में बंद रखकर दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने घर लौटने की बात कही तो आरोपी ने उसे विंढमगंज रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया। घर लौटने पर पीड़िता को पता चला कि परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद वह परिजनों के साथ थाना पहुंची। बाद में उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर बयान दर्ज कराया गया।
जांच पूरी होने के बाद आरोपी को 8 अगस्त 2023 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पुलिस ने 30 सितंबर 2023 को आरोप पत्र समर्पित किया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 366(ए) के तहत 8 वर्ष के सश्रम कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने, पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने तथा धारा 4(2) के तहत भी 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
अदालत ने पीड़िता को मुआवजा राशि देने के लिए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार को सौंपने का निर्देश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने मामले में सजा को न्याय की जीत बताया और पीड़िता को संतोषजनक न्याय मिलने की बात कही।











