Location: Meral
मेराल : प्रखंड मुख्यालय स्थित पूर्वी पंचायत भवन के प्रांगण में मंगलवार को गढ़वा जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष शरीफ अंसारी की अध्यक्षता में जिला प्रशासन के असहयोगात्मक रवैये के खिलाफ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उच्च पदाधिकारियों द्वारा मुखिया एवं मनरेगा कर्मियों की वित्तीय शक्तियां रोकने, कार्य मुक्त करने तथा अनावश्यक परेशानियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
जिला मुखिया संघ अध्यक्ष शरीफ अंसारी ने कहा कि आज मुखियाओं की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। जनप्रतिनिधि होने के बावजूद मुखिया को मात्र 2500 रुपए मानदेय मिलता है, वह भी समय पर नहीं मिलता। जबकि घर बैठने वाली महिलाओं को भी समान राशि दी जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार मुखियाओं की बदतर स्थिति और हो रहे दोहन पर ध्यान नहीं देगी, तो वे बड़े आंदोलन, धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने को बाध्य होंगे।
बैठक में मेराल प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष रामसागर महतो ने कहा कि 15वें वित्त आयोग की राशि एक वर्ष से लंबित है, जिससे पंचायतों में चापाकल मरम्मत जैसे बुनियादी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। गेरूआ पंचायत मुखिया ने भी जिला प्रशासन पर कई सवाल उठाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि पंचायत सेवक और मनरेगा कर्मियों की हड़ताल का समर्थन किया जाता है। राज्य वित्त की राशि जिला में उपलब्ध होने के बावजूद पंचायतों को विकास योजनाओं के लिए फंड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। मनरेगा योजना में पिछले डेढ़ वर्षों से मटेरियल भुगतान लंबित है, जिसके कारण जिला के 179 पंचायतों में मनरेगा कार्य पूरी तरह से ठप हो चुके हैं। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मनरेगा मजदूर रोजगार के अभाव में अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हुए हैं।
बैठक में रामसागर महतो, अनिल चौधरी, फुलमंती देवी, मंदीप सिंह, अजय प्रसाद गुप्ता, अनंत कुमार पांडेय, नजारा बीबी, गोपाल कुमार यादव, यसीमा बीबी, पुष्पा देवी, समुदरी देवी, मनरावत देवी, मेनू देवी, जीतनी देवी, सुनीता देवी, रामेश्वर पासवान, अंजु देवी, धनवती देवी सहित कई मुखिया उपस्थित थे।











