Location: Garhwa
गढ़वा। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उपायुक्त अनन्य मित्तल ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, आवास, मुआवजा, अतिक्रमण, रोजगार, मजदूरी भुगतान समेत कई मामलों से जुड़े आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त ने सभी मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई में रमना प्रखंड कार्यालय के निलंबित जन सेवक राजीव कुमार ने जीवन निर्वाह भत्ता भुगतान नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीने से उन्हें भत्ता नहीं मिल रहा है, जिससे परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है। उनका कहना था कि पूर्व में भी भुगतान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आर्थिक संकट और भुखमरी जैसी स्थिति का हवाला देते हुए शीघ्र भुगतान कराने की मांग की।
वहीं सदर प्रखंड के ढोटी गांव निवासी सोनू कुमार कुशवाहा ने धान क्रय केंद्र से जुड़ी शिकायत उपायुक्त के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि जाटा पैक्स में धान जमा कराने के बाद 30 मार्च 2026 को भुगतान संबंधी संदेश प्राप्त हुआ था, लेकिन अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया। आरोप लगाया कि पैक्स संचालकों द्वारा बाद में भुगतान का आश्वासन देकर लौटाया जाता रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संचालकों ने स्वयं अंगूठा लगाकर उनके खाते से राशि की निकासी कर ली। पीड़ित किसान ने धान के बदले बकाया भुगतान दिलाने की मांग की।
जनसुनवाई के दौरान रंका कला निवासी रविंद्र नाथ राम ने निजी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। उन्होंने बताया कि भूमि विवाद का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद दबंगों द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
मंझिआंव प्रखंड के प्रमोद कुमार सिंह ने तालाब कायाकल्प कार्य का भुगतान लंबित रहने का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि रामपुर पंचायत में नीति आयोग से स्वीकृत तालाब जीर्णोद्धार कार्य जनवरी 2026 में पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है।
इसके अलावा रंका कला निवासी राजेंद्र प्रसाद ने भूमि ऑनलाइन नहीं होने के कारण बिक्री में हो रही परेशानी की शिकायत की। उन्होंने अंचल कार्यालय को आवश्यक निर्देश देने की मांग की।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को नियमित जनसुनवाई आयोजित करने का निर्देश भी दिया, ताकि लोगों की शिकायतों का पारदर्शी और त्वरित समाधान हो सके।