Location: सगमा
धुरकी (गढ़वा)। धुरकी प्रखंड के रक्सी गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने आवास प्राथमिकता सूची में नाम जोड़ने के नाम पर पैसे लेकर सर्वेक्षण करने का आरोप लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी विमल कुमार सिंह को सौंपा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि आवास सर्वेक्षण के दौरान सर्वेक्षण कार्य में लगे कर्मियों एवं कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लाभुकों से 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक की अवैध वसूली की गई। ग्रामीणों का कहना है कि मामले का खुलासा तब हुआ जब आवास प्राथमिकता सूची प्रकाशित होने के बाद लोगों ने सूची में अपना नाम देखना शुरू किया। कई ऐसे लोगों का नाम सूची में नहीं मिला, जिन्होंने सर्वेक्षण के दौरान कथित रूप से पैसे दिए थे।
नाम नहीं आने से नाराज ग्रामीणों ने पंचायत में विरोध जताया और बाद में प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी को संयुक्त आवेदन सौंपा। आवेदन पर उपेंद्र कुमार तुरिया, अशोक गुप्ता, योगेंद्र यादव, लक्ष्मण यादव, शिवनाथ यादव, संतोष कुमार, पूनम कुमारी, अनिता यादव, चंदन कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, पुष्पा देवी, भगवान यादव, सुरेश प्रसाद, प्रतिमा कुमारी, पूनिया देवी, आशा देवी, सुनीता देवी, उमेश यादव, महेंद्र चौधरी, सुनील यादव, उदय यादव, अनिल कुमार गुप्ता, देवेंद्र यादव, प्रभु पासवान, अर्चना कुमारी सहित दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
मंगलवार को रक्सी पंचायत भवन परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। ग्रामीणों का कहना था कि प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पंचायत भवन पहुंचने तथा सूची में नाम नहीं रहने वाले लोगों की समस्याओं पर विचार करने और शिकायत की जांच कराने का आश्वासन दिया था। हालांकि ग्रामीणों के अनुसार निर्धारित समय तक प्रखंड विकास पदाधिकारी पंचायत भवन नहीं पहुंचे।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी विमल कुमार सिंह से मोबाइल पर संपर्क किए जाने पर उन्होंने बताया कि ग्रामीण पंचायत भवन में जमा हुए हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण वहां क्यों जमा हुए हैं, इसकी भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा पात्र लाभुकों का नाम आवास प्राथमिकता सूची में जोड़ने की मांग की है।











