Location: पलामू
पलामू, मेदिनीनगर: हनुमानगढ़ी (पूर्वडीहा) स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में रविवार को मंदिर प्रबंधन समिति एवं मंदिर के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर की नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक गतिविधियों के विस्तार तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन के लिए एक योग्य, शिक्षित, चरित्रवान एवं धार्मिक आचरण वाले पुजारी की नियुक्ति की जाएगी। समिति ने तय किया कि चयनित पुजारी की आयु 50 वर्ष से कम नहीं होगी तथा वह तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन नहीं करता हो। साथ ही वह पूर्णतः शाकाहारी हो तथा प्रतिदिन निर्धारित समय पर पूजा, आरती और श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की व्यवस्था श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ संपन्न कराने में सक्षम हो। चयनित पुजारी के लिए मंदिर परिसर में आवास, भोजन और सम्मानजनक सेवा-शुल्क की व्यवस्था भी की जाएगी।
बैठक में सदस्यों ने चिंता जताई कि वर्तमान समय में धर्म एवं आध्यात्मिक जीवन के प्रति लोगों की आस्था धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है। विशेष रूप से युवाओं में सुबह-शाम मंदिर जाने, आरती में शामिल होने, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से जुड़ने की प्रवृत्ति घट रही है।
इसी स्थिति को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति और धार्मिक संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष पहल करने का निर्णय लिया। इसके तहत 11 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के युवक-युवतियों के लिए प्रत्येक माह धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विषयों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया जाएगा। समिति का मानना है कि इस पहल से युवाओं में धार्मिक जागरूकता बढ़ेगी, मंदिर से उनका जुड़ाव मजबूत होगा तथा सनातन संस्कृति के प्रति सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।
बैठक के अंत में मंदिर प्रबंधन समिति ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं सनातन प्रेमियों से मंदिर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा समाज में आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार में सहयोग करने की अपील की।











