गढ़वा। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि परीक्षा रद्द कर देने मात्र से पूरे मामले का समाधान संभव नहीं है। मामले की जड़ तक जाने के लिए इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि हेमंत सरकार सीबीआई जांच की अनुशंसा करने से आखिर क्यों पीछे हट रही है।
रितेश चौबे ने कहा कि वर्षों से झारखंड को लूटा गया है। हेमंत सरकार ने झारखंडी छात्रों और युवाओं को न्याय देने के बजाय उनके साथ धोखा किया है। स्थानीय छात्रों और युवाओं को रोजगार देने के नाम पर दूसरे राज्यों के लोगों को नौकरी देने का काम किया गया। झारखंड में स्थानीय नीति का स्पष्ट लाभ नहीं मिलने के कारण दूसरे प्रदेशों के लोगों को इसका फायदा मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने झारखंड के युवाओं के भविष्य का सौदा किया है। सरकार को सीबीआई जांच की अनुशंसा करने में डर किस बात का है। उन्होंने कहा कि सरकार को आशंका है कि यदि सीबीआई जांच हुई तो सत्ता में बैठे लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। इसी कारण सरकार लगातार सीबीआई जांच से बच रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि परीक्षा में सफल होकर नौकरी कर रहे सभी अभ्यर्थियों को एक नजर से देखना उचित नहीं होगा। इनमें ऐसे छात्र भी हो सकते हैं, जिन्होंने अपनी योग्यता और मेरिट के आधार पर सफलता हासिल की है। यदि किसी ने पूरी तरह मेरिट के आधार पर नौकरी प्राप्त की है तो उसके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। गलत तरीके से नियुक्त हुए लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन योग्य और मेरिट के आधार पर चयनित छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।
रितेश चौबे ने कहा कि सीबीआई जांच की मांग केवल एक पक्ष नहीं, बल्कि दोनों पक्षों के लोग कर रहे हैं। राज्य की जनता भी चाहती है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और छात्रों एवं युवाओं को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि छात्रों, युवाओं और राज्य की जनता का राज्य सरकार के अधीन काम करने वाली एजेंसियों और अधिकारियों पर भरोसा नहीं रह गया है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए सीबीआई जांच ही उचित विकल्प है। सरकार को अविलंब सीबीआई जांच की अनुशंसा करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आए और झारखंड के छात्रों एवं युवाओं के साथ न्याय हो सके।











