Location: Ramana
रमना (गढ़वा)। रमना थाना क्षेत्र के एक गांव में सामाजिक मान्यताओं, पारिवारिक भावनाओं और व्यक्तिगत निर्णय को लेकर सामने आया एक अनोखा मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विवाह मंडप में सिंदूरदान से ठीक पहले शादी से इन्कार करने वाली युवती के परिजनों ने करीब एक माह बाद उसे सामाजिक रूप से मृत मानते हुए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया।
जानकारी के अनुसार करीब एक माह पूर्व गांव में विवाह समारोह चल रहा था। बारात दरवाजे पर पहुंच चुकी थी और शादी की रस्में पूरी की जा रही थीं। इसी दौरान सिंदूरदान की रस्म से पहले युवती ने विवाह करने से साफ इन्कार कर दिया। युवती के फैसले के बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास हुआ, लेकिन बात नहीं बनी और अंततः बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।
ग्रामीणों के अनुसार अगले दिन युवती अपनी इच्छा से अपने प्रेमी के साथ रहने चली गई, जहां वह वर्तमान में रह रही है। इस घटना के बाद परिवार और रिश्तेदारों में नाराजगी बनी हुई थी।
शुक्रवार को मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब स्वजनों और ग्रामीणों ने युवती को सामाजिक रूप से मृत घोषित करते हुए उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। ग्रामीणों ने अर्थी सजाकर गांव में शवयात्रा निकाली। शवयात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इसके बाद तेलाही बांध के समीप पहुंचकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की प्रतीकात्मक रस्में निभाई गईं।
परिजनों का कहना है कि युवती ने परिवार, रिश्तेदारों और समाज की भावनाओं की अनदेखी करते हुए अपना निर्णय लिया, जिसके कारण उन्होंने उससे सामाजिक संबंध समाप्त करने का फैसला किया है।
इधर, पूरे घटनाक्रम का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गांव से लेकर आसपास के क्षेत्रों तक इस अनोखी घटना की चर्चा हो रही है। हालांकि युवती बालिग बताई जा रही है और अपनी इच्छा से जहां रह रही है, वहीं परिजनों की इस प्रतीकात्मक कार्रवाई ने सामाजिक और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर नई बहस भी छेड़ दी है।