रांची: जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे की तीसरी पुस्तक झारखंड की राजनीति : प्रयोग और संयोग का लोकार्पण आज हुआ। श्याम किशोर चौबे की यह तीसरी पुस्तक है। इसके पहले भी झारखंड की राजनीति पर उनकी दो किताब आ चुकी है। तीसरी किताब का लोकार्पण झारखंड स्थापना दिवस के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर किया गया। इस पुस्तक में झारखंड की राजनीति के उतार-चढ़ाव और घटनाक्रम का पूरा विवरण है। यह एक अच्छी और ज्ञानवर्धक पुस्तक है। खासकर झारखंड की राजनीतिक के घटनाक्रम के संबंध में।
लोकार्पण समारोह की खास बात यह रही कि पलामू निवासी अपने-अपने क्षेत्र के दो दिग्गज मौजूद थे। वरिष्ठ पत्रकार श्याम किशोर चौबे पलामू जिले के केतात गांव के रहने वाले हैं और लोकार्पण समारोह के विशिष्ट अतिथि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी पलामू के हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में श्याम किशोर चौबे की पहचान है तो राजनीति में राधाकृष्ण किशोर की। राधाकृष्ण किशोर आज की राजनीतिज्ञ से अलग पहचान रखते हैं। उनकी अपनी एक सोच और विचारधारा है। सरकार में रहकर भी सरकार की कमियों पर बोलने की हिम्मत रखते हैं।
समारोह में आज भी उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी। कहा, कैसे अधिकारी जलेबी की तरह फाइलों को घुमाते हैं। कार्यपालिका को कटघरे में खड़ा किया। उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाया और कहा कि अब समय आ गया है कि अब कार्यपालिका की कार्यसंस्कृति पर लिखा और बोला जाए। बुद्धिजीवी और पत्रकार कार्यपालिका पर अपनी लेखनी शुरू करें। लोगों को बताएं कि कैसे फाइलों को जाल में उलझाया जाता है। सरकार के सामने कैसे संकट खड़ा किया जाता है। फाइल ऐसी उलझी रहती है कि उसे पढ़ने में दो-तीन घंटे लग जाते हैं। अगर बिना पढ़े फाइल पर हस्ताक्षर कर दिया जाए तो फिर आगे क्या होगा। आपको पता है। राधाकृष्ण किशोर अपनी साफगोई के लिए जाने जाते हैं। आज उन्होंने यह भी बताया कि कैसे अर्जुन मुंडा ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया था और 10-12 दिन के बाद ही उन्हें क्यों इस्तीफा देना पड़ा था। इस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के तौर पर अर्जुन मुंडा भी मौजूद थे और पत्रकारिता के भीष्म पितामह पद्मश्री बलबीर दत्त और बैजनाथ मिश्र।
श्याम किशोर चौबे जी के साथ लंबे समय तक दैनिक जागरण में काम करने का सौभाग्य मुझे मिला है। चौबेजी इसी तरह लिखते रहे यही शुभकामना है।











