Location: Meral
मेराल। प्रखंड के करीब दो दर्जन पारा शिक्षकों ने अपने समर्पण एवं परिश्रम के बल पर सफलता अर्जित कर शुक्रवार को झारखंड सरकार द्वारा सहायक आचार्य के रूप में नियुक्ति पत्र प्राप्त किया है। जिससे उनके घर परिवार में खुशी का माहौल है। 20 वर्षों तक पारा शिक्षक के पद पर रहकर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते हुए इन लोगों ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी नहीं छोड़ी जिसका परिणाम आज उन्हें मिला। इस मौके पर राजहरा गांव निवासी शिक्षक नेजाम अंसारी ने अपने बीते दौर का उल्लेख करते हुए बताया कि जब 2003 में इंटर पास करने के बाद उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गड़ई टोला राजहरा में पारा टीचर के रूप में बहाल हुआ। उस वक्त घर की स्थिति सही नहीं था खर्चे के अनुसार वेतन भी कम थे इसके बाद भी हमने पढ़ाई जारी रखा, जिसमें घर चलना साथ ही पढ़ाई करना बड़ी मुश्किल का दौर रहा, विद्यालय से छुटी होने पर गांव टोले मोहल्ले में ट्यूशन करा कर किसी तरह खर्च पूरा करते थे घर के बड़े लड़के होने से सारी जिम्मेदारी मुझ पर था पिता एक छोटा किसान हैं वैसी स्थिति में भी हमने हिम्मत नहीं हारी और इग्नू से बी ए, एम ए, डबल एम ए, तथा हिस्ट्री ऑनर्स ग्रामीण विकास में एम ए, सी आई जी, डी पी ई b.Ed तक किया। सरकारी शिक्षक बनने के लिए 2013 में जेटेट पास किया मेरिट लिस्ट में छटने के बाद फिर से 2016 में बिहार टेट पास किया सीटेट दो बार पास किया। अब जाकर 2025 में 1 से 5 तक तथा 6 से 8 तक के लिए दो-दो नियुक्ति पत्र झारखंड सरकार द्वारा दिया गया। इस खुशी के मौके पर पिछले दौर को याद करते हुए झारखंड सरकार को आभार करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि 1 से 5 पलामू जिला के लिए, 6 से 8 लातेहार के लिए चयनित हुए हैं उन्होंने बताया कि 1 से 5 पलामू जिला का नियुक्ति पत्र वापस करेंगे और लातेहार जिला में 6 से 8 के लिए ज्वाइन करेंगे। इधर प्रखंड में चयनित हुए सभी शिक्षकों की सफलता का क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।











