भारतीय संस्कृति में भगवान राम सबसे बड़े आदर्श हैं, रामकथा की प्रासंगिता बनी रहेगी : विनोद पाठक

Location: Garhwa

गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में श्रीराम कथा का आयोजन

गढ़वा : श्रीराम का चरित्र भारतवर्ष के लिये नया नहीं है. हजारों वर्षों से रामकथा भारतीय समाज में कही-सुनायी जा रही है. बावजूद रामकथा की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही बनी हुई है. बल्कि आज जिस तरह से भारतीय समाज में भोगवादी संस्कृति हावी हो रही है और संयुक्त परिवार की बजाय एकल परिवार का चलन बढता जा रहा है, त्याग, समर्पण और प्रेम के अभाव में परिवार तेजी से बिखर रहा है, तब रामकथा की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है. भारतीय संस्कृति में भगवान राम सबसे बड़े आदर्श हैं. यह बात गायत्री परिवार के विनोद पाठक ने कही. वे सोमवार की शाम शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में आयोजित श्रीराम कथा के प्रथम दिन बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि आधुनिक काल में संत तुलसीदास ने श्रीरामचरित मानस के माध्यम से हमारे बीच श्रीराम के चरित्र को बड़े ही सरल एवं सरस ढंग से दिया है. रामचरित मानस में राम चरित्र के माध्यम से आस्तिकता, आध्यात्मिकता और धार्मिकता सभी पक्ष को परोसा गया है. आदर्श राजनीति एवं परिवार निर्माण के लिये भी रामचरितमानस एक अच्छा मार्गदर्शन करता है. आज के समय में पहले की अपेक्षा रामकथा का आयोजन अधिक हो रहा है, बावजूद समाज एवं परिवार में बिखराव नहीं रूक रहा है. आज की पीढ़ी राम के चरित्र से परिचित है, लेकिन उसको आत्मसात नहीं कर रही है. नयी पीढ़ी स्वच्छंदता के नाम पर उच्छृंखल जीवन को पसंद कर रही है. इसके कारण परिवार एवं समाज में समस्याएं बढ़ गयी हैं. श्री पाठक ने यह भी कहा कि अधिकांश मंचों से लोकरंजन बनाने के लिये अवतारों के चरित्र को गलत ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है. इसका असर भ्री वर्तमान समाज पर प्रतिकूल पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज सामाजिक पतन को रोकना कथावाचकों के लिये एक चुनौती है. कथा सिर्फ लोकरंजन के लिये नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति को बचाने और इसको मजबूत करने के उद्देश्य होना चाहिये. तभी इसकी सार्थकता होगी. कथा के दौरान मनुजता विकल है लूटी जा रही है, पतन की कहानी यहीं रोक दो मां…गीत की पंक्ति ने श्रोताओं को झकझोरने का काम किया. कथा के दौरान शिवपूजन व्यास ने एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किया. उपेंद्र शर्मा ने सह गायक तथा श्याम सुंदरजी ने नाल पर, रंजीत विश्वकर्मा ने बेंजो पर नंदू ठाकुर ने झाल पर संगत किया.

मुख्य प्रबंध ट्रस्टी ने किया उद्घाटन

श्रीराम कथा का उद्घाटन गायत्री परिवार के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी संजय सोनी, भूमिदाता सरयू चंद्रवंशी, राजेश ठाकुर, ट्रस्टी मिथिलेश कुशवाहा, प्रभुदयाल प्रजापति, शिक्षक सूर्यमल कुमार, ओम समिति के अध्यक्ष चंद्रमणि कुमार, सचिव संदीप कुमार, वार्ड पार्षद अजीत शर्मा आदि ने संयुक्त रूप से किया. अपने संबोधन में संजय सोनी ने कहा कि गायत्री शक्तिपीठ में श्रीरामकथा का आयोजन बड़े अनुशासनित ढंग से होता है. यहां के श्रोता बड़ी गंभीरता से कथा में भाग लेते हैं. इस कथा का आम लोगों को लाभ मिलेगा. कार्यक्रम का संचालन अखिलेश कुशवाहा ने किया.

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  • Pavan Kumar

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