Location: पटना
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान के बाद स्थिति यह है कि मुकाबला एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच कड़ा बना हुआ है।
पहले चरण में मतदाताओं का झुकाव मिश्रित दिखा। ग्रामीण इलाकों में स्थानीय मुद्दे हावी रहे, जबकि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी और महंगाई प्रमुख विषय रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पहले चरण में कोई भी गठबंधन स्पष्ट बढ़त नहीं बना पाया है।
एनडीए की स्थिति
एनडीए में भाजपा, जद(यू) हम,रलोसपाऔर लोजपा(रा) शामिल हैं। गठबंधन की स्थिति पहले चरण के बाद स्थिर मानी जा रही है।
भाजपा के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की संयुक्त रैलियों का असर दिखा है।
महिला मतदाताओं और लाभार्थी वर्गों में एनडीए की पकड़ बनी हुई है।
कमजोर पक्ष:
कुछ क्षेत्रों में जद(यू) उम्मीदवारों के खिलाफ स्थानीय असंतोष दिखाई दिया।
लंबे समय से शासन में रहने के कारण एंटी-इन्कंबेंसी (विरोध) का असर भी महसूस किया जा रहा है।
इंडिया गठबंधन की स्थिति
इंडिया गठबंधन में राजद, कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं।
गठबंधन बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रहा है।
राजद नेता तेजस्वी यादव की सभाओं में युवाओं की उपस्थिति बढ़ी है।
कमजोर पक्ष:
सीट बंटवारे को लेकर असंतोष और कई क्षेत्रों में संगठनात्मक कमजोरी दिख रही है।
छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के उतरने से विपक्षी वोट बिखरने की संभावना है।
दूसरे चरण की तैयारी
पहले चरण के बाद एनडीए मामूली बढ़त में बताया जा रहा है, पर इंडिया गठबंधन की टक्कर मजबूत है।
अगले चरणों में ग्रामीण और अति पिछड़े इलाकों की सीटें परिणाम तय करेंगी।
विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव पूरी तरह कांटे का मुकाबला है।











