दहेज प्रथा बढ़ाने के लिये वर व कन्या दोनों पक्ष के लोग जिम्मेवार,

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दोनों पक्षों में सुधार से ही मिटेगी दहेज प्रथा : विनोद पाठक

गढ़वा : समाज में बढ़ रहे दहेज प्रथा के लिये वर एवं कन्या दोनों पक्ष के लोग जिम्मेवार हैं. इसलिेये यह तभी रूक सकता है, जब दोनों पक्ष के लोग अपने आप में सुधार करेंगे. इसके लिये खर्चीली शादियों से बचना होगा. यह बात गायत्री परिवार के विनोद पाठक ने कही. वे शुक्रवार की शाम शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में आयोजित श्रीराम कथा के पांचवें दिन प्रवचन कर रहे थे. उन्होंने बताया कि दहेज प्रथा के खिलाफ वर्षों पूर्व कानून बन चुका है. लेकिन कानून से दहेज प्रथा समाप्त होने की बात तो दूर, दिनोंदिन बढ़ता चला जा रहा है. क्योंकि दहेज देने और लेने में दोनों पक्ष के बीच गुप्त सहमति रहती है. इसमें कानून क्या कर सकता है. जब किसी कारणवश शादी टूट जाती है, तब कन्या के पिता कानून का दरवाजा खटखटाने पहुंचते हैं. दहेज के मामले में अधिकांश कानून का दुरूपयोग किये जाने की शिकायत मिल रही है. श्री पाठक् ने कहा कि शिव विवाह प्रसंग में रामचरित मानस में कहा गया है कि शिव-पार्वती विवाह के पश्चात विदाई के समय राजा हिमाचल और मैना ने भी अपने दामाद शिव को यथासंभव दहेज दिया था. विवाह के पश्चात अपनी कन्या को दहेज देकर विदा करने की परंपरा रही है. लेकिन दहेज के लिये वर पक्ष से कोई मांग नहीं होती थी, वह तो कन्या को खुशी से अपनी स्वेच्छा से दिया जाने वाला उपहार होता है. लेकिन यह दहेज एक कुप्रथा तब बन जाता है, जब विवाह के पूर्व वर पक्ष की ओर से एक निश्चित रकम की मांग होने लगती है. कन्या के पिता की इच्छा रहती है कि उसके दरवाजे पर पूरे शान-शौकत के साथ बारात आये और विवाह के समय उनके आंगन में प्रतिष्ठा के अनुकूल वर पक्ष की ओर से बेटी को उपहार और जेवर दिया जाय. बेटी के पिता का यह चाह विवाह के बजट को बढ़ा देता है. उन्होंने कहा कि आज समय की मांग है कि खर्चीली शादियों को कम करने के लिये हमें एक दिवसीय विवाह को अपनाना होगा. दहेज के कारण बेटियों के विवाह में परेशानी हो रही है अथवा बेमेल विवाह हो रहा है. रामकथा में शिव-पार्वती संवाद के माध्यम से समाज की कई समस्याओं पर चर्चा की गयी. इस अवसर पर शिवपूजन मेहता और उपेंद्र शर्मा ने भजन से वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया. श्यामसुंदरजी ने ढोलक पर, रंजीत विश्वकर्मा ने बेंजों पर और नंदू ठाकुर व सिकंदर कुमार ने झाल पर संगत किया.

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  • Pavan Kumar

    Location: Garhwa Pavan Kumar is reporter at आपकी खबर News from Garhwa

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