Location: सगमा
सगमा (गढ़वा)। प्रखंड कार्यालय में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन को लेकर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण 10 और 11 अगस्त को आयोजित किया गया, जिसमें प्रखंड के पदाधिकारी, कर्मी, मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना के उद्देश्य, सहभागी नियोजन प्रक्रिया, ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाओं के चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षकों ने बताया कि जीपीडीपी केवल योजनाओं की सूची तैयार करने तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समावेशी एवं परिणामोन्मुख विकास योजना तैयार करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश भगत ने कहा कि जीपीडीपी के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायतों में विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को पंचायत स्तर तक पहुंचाने और उसका व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बीपीएम सत्येंद्र प्रजापति ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता बढ़ाना है, ताकि जीपीडीपी निर्माण में जनभागीदारी, पारदर्शिता और योजनाओं की प्राथमिकता सुनिश्चित हो सके।
मास्टर ट्रेनर दीपक कुमार ने जीपीडीपी की प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
स्थानीय जरूरतों के आधार पर बनेगी विकास योजना
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर नियोजन और क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में मुखिया इंद्रजीत सिंह कुशवाहा, कलावती देवी, सरोज देवी, तेजलाल राम और अनिता देवी समेत वार्ड सदस्य एवं प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे। मौके पर बीपीआरओ ओमप्रकाश सिंह, बड़ा बाबू सुरेंद्र सिंह, पंचायत सचिव सूर्यदेव सिंह, सुरेंद्र ठाकुर, प्रिया चौबे समेत अन्य कर्मी मौजूद थे।











