Location: Garhwa
गढ़वा, सितंबर 2025 —
जिले के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश कुमार यादव ने कहा है कि गढ़वा जिले के सभी विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जाएगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। उपायुक्त ने यह बातें जिले के सुदूरवर्ती प्रखंड धुरकी में विभिन्न विद्यालयों के औचक निरीक्षण के दौरान कहीं।
उपायुक्त ने बताया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने शिक्षा विभाग से जुड़े पदाधिकारियों और शिक्षकों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि विद्यालयों की व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया जाएगा।
खाला स्कूल में लकड़ी पर बन रहा था भोजन, उपायुक्त ने जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय खाला में मध्यान्ह भोजन लकड़ी पर बनता पाया गया, जबकि अब तक गैस सिलेंडर और चूल्हा विद्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस पर उपायुक्त ने कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को तत्काल गैस चूल्हा एवं सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालय परिसर में शौचालय की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई गई और तत्काल सफाई व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया गया।
अन्य विद्यालयों का भी निरीक्षण
उपायुक्त ने पीएम श्री +2 उच्च विद्यालय खुटिया एवं उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कुशधोई का भी भ्रमण कर शैक्षणिक वातावरण, मध्यान्ह भोजन योजना और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।
गुरूगोष्ठी में शिक्षकों से संवाद
निरीक्षण के उपरांत उपायुक्त ने BRC धुरकी में आयोजित गुरूगोष्ठी कार्यक्रम में भाग लिया। यहां उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा की गुणवत्ता, बच्चों की सीखने की क्षमता, नवाचार और शैक्षणिक माहौल सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रखंड व अंचल कार्यालय का निरीक्षण, जनता से संवाद
उपायुक्त ने धुरकी के प्रखंड सह अंचल कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया। ग्रामीणों ने ऑनलाइन रसीद में विलंब और जन वितरण प्रणाली में कम राशन मिलने की शिकायत की। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश दिया और कहा कि प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को जनता दरबार आयोजित कर समस्याएं सुनी जाएं।
राशन वितरण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित डीलर पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।












