Location: Garhwa
समाज में बढ़ते व्याभिचार को रोकने के लिये घर-घर संस्कार परंपरा अपनाने की जरूरत : शोभा पाठक
गढ़वा : अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा जिला मुख्यालय के दोनों केंद्रों में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आहूत गायत्री अनुष्ठान की पूर्णाहूति हवन यज्ञ के साथ की गयी. इस अवसर पर विविध संस्कार भी कराये गये. तत्पश्चात कुमारी कन्याओं का पूजन किया गया. इस अवसर पर श्रद्धालुओं के लिये भंडारे का भी आयोजन किया गया था. गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में आयोजित चैत्र नवरात्रि पूर्णाहूति कार्यक्रम में काफी संख्या में महिला-पुरूष श्रद्धालुओं ने भाग लिया. हवन यज्ञ व संस्कार जिला समन्वयक विनोद पाठक एवं शोभा पाठक ने संपन्न कराया. कार्यक्रम में गायत्री परिवार महिला मंडल की प्रभारी शोभा पाठक ने कहा कि आज अपने ऋषियों की बतायी गयी संस्कार परंपरा को घर-घर स्थापित करने जरूरत है. भारतीय संस्कृति की संस्कार परंपरा पूरी तरह से वैज्ञानिक सोच है. इससे भटकने के कारण आज की पीढ़ी भटक रही है. समाज में आये दिन बढ़ रही अनैतिक घटनाएं बेचैन कर रही हैं. उन्होंने महिलाओं की भूमिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि घर की नारियां ही अपने इस विकट स्थिति से परिवार और समाज को बचा सकती हैं. यज्ञ में मुख्य यजमान के रूप में अनिल विश्वकर्मा और उर्मिला देवी ने पूजन किया. इस मौके पर समाजसेवी सरयू चंद्रवंशी, प्रो विवेकानंद उपाध्याय, प्रो संत कुमार, प्रो संजय कुमार, अखिलेश कुशवाहा, ट्रस्टी मिथिलेश कुशवाहा, मनोज मेहता, गौतम विश्वकर्मा, ध्रुव कुमार, धमेंद्र साव, सुनंदा दूबे, सुनीता देवी सहित काफी संख्या में महिला-पुरूष उपस्थित थे. इधर इसी तरह से शहर के तपोभूमि निमिया स्थान में भ्री शहर की महिलाओं ने गायत्री अनुष्ठान का समापन हवन यज्ञ के साथ किया. इस अवसर पर परिव्राजक संतन मिश्र ने लोगों को गायत्री अनुष्ठान के महत्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि चैत्र नवरात्रि पर जो लोग आहार संयम के साथ गायत्री अनुष्ठान करते हैं, उनको शारीरिक और आध्यात्मिक दोनों लाभ प्राप्त होते हैं. इसके पूर्व गुरूवार की शाम निमिया स्थान में महिलाओं ने दीपयज्ञ के साथ नवयुग के सृजन में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया. इस अवसर पर अनिता देवी, मीना कमलापूरी, ममता तिवारी, लीलावती सिंह, पुनम चौबे, ममता चौबे,सरिता केसरी,प्रमिला देवी सहित काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं.।











