Location: Garhwa
सामूहिक प्रार्थना में बहुत बड़ी शक्ति होती है

गढ़वा : सामूहिक प्रार्थना में बहुत बड़ी शक्ति होती है. वह कभी निष्फल नहीं जाती है. भगवान राम का अवतार भी देवताओं के सामूहिक प्रार्थना के परिणामस्वरूप हुआ था. यह बात गायत्री परिवार के विनोद पाठक ने कही. वे गायत्री शक्तिपीठ कल्याणपुर में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर ओम समिति द्वारा द्वारा आयोजित संगीतमय श्रीराम कथा के छठे दिन शनिवार की शाम प्रवचन में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि त्रेता युग में रावण और उसके वंशजों के अत्याचार से पृथ्वी से लेकर स्वर्ग लोक तक हाहाकार मचा हुआ था. तब देवताओं ने माता पृथ्वी के साथ ब्रह्माजी के पास जाकर अपनी चिंता से अवगत कराया था और इससे उबरने के लिये उपाय पूछा था. इसपर शिवजी की उपस्थिति में ब्रह्माजी ने सभी देवताओं को भगवान से सामूहिक प्रार्थना करने को कहा था. तब सभी देवताओं ने भगवान से सामूहिक प्रार्थना की. सामूहिक प्रार्थना का इतना प्रभाव हुआ कि भगवान को प्रकट होना पड़ा. भगवान प्रकट हुये और देवताओं को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही अयोध्या में राजा दशरथ के यहां मनुष्य रूप में जन्म लेंगे और सभी असुरों का संहार करेंगे. भगवान बोले कि चूकि उन्हें कई लोगों के दिये वरदान को पूरा करना है. इसलिये भी उन्हें अवतार लेना है. इसके बाद राजा दशरथ और माता कौशल्या के पुत्र के रूप में भगवान ने जन्म लिया. वहां राजा दशरथ की रानी माता कौशल्या के गर्भ से जहां भगवान राम का जन्म हुआ, वहीं रानी कैकई के गर्भ से भरत और रानी सुमित्रा के गर्भ से लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म हुआ. इसके पूर्व कथा का उदघाटन समाजसेवी अलखनाथ पांडेय एवं ज्ञान निकेतन स्कूल के निदेशक मदन केसरी ने संयुक्त रूप से देवमंत्र पर अखंड दीप जलाकर श्रीरामकथा का उदघाटन किया. इस अवसर पर श्री पांडेय ने कल्याणपुर में हो रहे इस श्रीराम कथा की काफी सराहना की और उन्होंने लोगों से श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन में उतारने को कहा. श्रीरामकथा में शिवपूजन मेहता व उपेद्र शर्मा ने विभिन्न भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाने का काम किया. नाल पर रामसुंदर राम, बैंजो पर रंजीत विश्वकर्मा, झाल पर नंदू ठाकुर, अनिल विश्वकर्मा, अशोक विश्वकर्मा ने संगत किया. संचालन अखिलेश कुशवाहा ने किया. इस अवसर पर सरयू चंद्रवंशी, ट्रस्टी मिथिलेश कुमार कुशवाहा, प्रभुदयाल प्रजापति, ओम समिति के अध्यक्ष चंद्रमणि कुमार, उपाध्यक्ष अजीत शर्मा, सचिव संदीप विश्वकर्मा, शोभा पाठक सहित काफी संख्या में महिला-पुरूष श्रोता उपस्थित थे.












