Location: Shree banshidhar nagar
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर में गुरुवार को विज्ञान प्रदर्शनी मेले का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय अध्यक्ष जोखू प्रसाद, सचिव रवि प्रकाश, सह-सचिव चंदन कुमार, कोषाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद, अभिभावक प्रतिनिधि शशिकला और विज्ञान मेले के निर्णायक मंडल – विज्ञान शिक्षक दिलीप कुमार गुप्ता, दीपक चौबे, मानसी श्रीवास्तव एवं इंद्रशेखर पांडेय – द्वारा संयुक्त रूप से भारत माता, ॐ, मां सरस्वती व प्राचीन वैज्ञानिक नागार्जुन के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
प्रदर्शनी में कक्षा 4 से 10 तक के शिशु, बाल एवं किशोर वर्ग के विद्यार्थियों ने कुल 71 प्रकार के वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों में ऊर्जा संरक्षण, गति के प्रकार, 3D संरचना, सेंसर आधारित ट्रेन, सोलर सिस्टम, खराब पानी को शुद्ध करने की विधि, वर्षा जल संचयन, माइक्रोशॉप, पवन चक्की, जीवाश्म ईंधन जैसे विषय शामिल थे। प्रदर्शनी का अवलोकन उद्घाटनकर्ताओं एवं आगंतुकों द्वारा किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य रविकांत पाठक ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में अन्वेषण और रचनात्मकता की भावना को विकसित करते हैं। उन्होंने कहा, “विज्ञान मेले से बच्चों में नई खोजों के प्रति रुचि और समझ बढ़ती है, जिससे उनके भीतर ऊर्जा और वैज्ञानिक सोच का विकास होता है।”
प्रधानाचार्य ने बताया कि यह विज्ञान मेला प्रांतीय योजना के तहत आयोजित किया गया है। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र 30 अगस्त को बाघमारा (धनबाद) में आयोजित प्रांतीय विज्ञान मेले में भाग लेंगे। वहां चयनित छात्र क्षेत्रीय विज्ञान मेला (पूर्णिया, बिहार) और फिर अखिल भारतीय विज्ञान मेला (उज्जैन) में भाग लेने का अवसर प्राप्त करेंगे।
विज्ञान मेला तीन वर्गों – शिशु (कक्षा 4-5), बाल (कक्षा 6-8), और किशोर (कक्षा 9-10) – में आयोजित किया गया था। आगंतुकों ने विद्यार्थियों से उनके मॉडल के विषय में प्रश्न पूछे और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी विद्यार्थियों ने सहजता से किया।
कार्यक्रम में निर्णायकों को अंगवस्त्र, दैनंदिनी एवं उत्सर्ग पत्रिका भेंट कर सम्मानित किया गया।
उपस्थित प्रमुख अतिथि: कुमार कनिष्क, काशी प्रजापति, ध्रुव कुमार, डब्ल्यू. शुक्ला, पत्रकार शुभम जायसवाल, लखन मेहता, धर्मेंद्र विश्वकर्मा, निधि भारती आदि।
कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले शिक्षक एवं सहयोगी: सुधार प्रसाद श्रीवास्तव, नीरज सिंह, अविनाश कुमार, नंदलाल पांडेय, कृष्ण कुमार पांडेय, सुजीत दुबे, रूपेश कुमार, उमेश कुमार, अशोक कुमार, प्रसुन्न कुमार, प्रदीप कुमार गुप्ता, सत्येंद्र प्रजापति, दिनेश कुमार, कृष्ण मुरारी, आचार्या नीति कुमारी, प्रियंबदा, रेणु पाठक, सलोनी कुमारी, नेहा कुमारी, तन्वी जोशी सहित अन्य शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही।











