Location: Garhwa
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंताओं के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रही सभी प्रमुख अवसंरचना, निर्माण एवं विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति पर विभागवार विस्तार से चर्चा की गई।
विभागवार परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में राष्ट्रीय उच्च पथ (NHAI), जिला परिषद, पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, भवन प्रमंडल, जलापूर्ति प्रमंडल, विद्युत प्रमंडल, अनुसंधान प्रमंडल, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल सहित अन्य विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।
सभी विभागों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, कार्यों की वर्तमान स्थिति, सामने आने वाली बाधाएँ तथा आगामी समयसीमा की विस्तृत जानकारी उपायुक्त को दी।
उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि जिले की विकासात्मक परियोजनाएँ जनहित से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, निम्न गुणवत्ता या अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
समयसीमा और गुणवत्ता पर कड़े निर्देश
उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
- कार्यों में लापरवाही करने वाले संवेदकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन अनिवार्य होगा।
- प्रगति कार्यों का नियमित स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
- वित्तीय व्यय और भौतिक प्रगति में संतुलन बनाए रखा जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या या सामग्री की कमी होने पर विभाग तुरंत जिला प्रशासन को सूचित करें ताकि योजनाओं की गति प्रभावित न हो। जर्जर और वर्षों से लंबित योजनाओं में विशेष रूप से तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।
जिले की प्रमुख विकास योजनाओं की समीक्षा
बैठक में सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, भवन निर्माण, पेयजल आपूर्ति, ग्रामीण सड़कें, विद्युतीकरण, सिंचाई कार्य, स्वच्छता मिशन, विद्यालय एवं स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण, निगरानी तथा मरम्मती कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि जिले में संचालित सभी विकास योजनाओं को समय पर गति मिल सके।
जनहित और पारदर्शिता सर्वोपरि
उपायुक्त ने अधिकारियों से अपील की कि वे सभी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित को प्रमुखता दें। उन्होंने कहा कि जिले के विकास में किसी भी प्रकार की ढिलाई या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध निष्पादन ही प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में उपविकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा सहित सभी संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता उपस्थित रहे।
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