Location: कांडी
कांडी प्रतिनिधि:
कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल मां सतबहिनी झरना तीर्थ में आयोजित होने वाले 26वें मानस महायज्ञ के विराट आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह आयोजन मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के तत्वावधान में जनसहयोग से संपन्न होगा।
महायज्ञ को लेकर पूरे तीर्थ क्षेत्र को भव्य रूप से सजाया गया है। नवीन एवं पक्की यज्ञशाला का रंग-रोगन कर शास्त्रोक्त विधि से वेदी, हवन कुंड, धर्म ध्वज आदि की व्यवस्था की गई है। 11 दिनों तक चलने वाले इस महायज्ञ के दौरान 33 कोटि देव शक्तियों के यज्ञ मंडप की परिक्रमा हेतु महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग परिक्रमा पथ का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
महायज्ञ अवधि में चलने वाले महा भंडारा की व्यवस्था निर्माणाधीन होटल के कमरों में राम रसोई के रूप में की गई है, वहीं श्रद्धालुओं के भोजन हेतु सामने पंडाल का निर्माण कराया गया है। महायज्ञ के अध्यक्ष विद्या कुंड, अयोध्या के महामंडलेश्वर 1008 श्री महंत प्रेम शंकर दास जी महाराज की कुटिया का निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है।
इस अवसर पर श्री राम कथा एवं श्रीमद्भागवत कथा की प्रसिद्ध वाचिका पूज्या आराधना देवी शास्त्री, पंडित शशिकांत जी काशी एवं संगत करने वाली मंडली के आवास की भी समुचित व्यवस्था की गई है। जनता टेंट हाउस दरिहट के प्रोपराइटर भानु जी द्वारा प्रवचन पंडाल, यज्ञाचार्य, मानस आचार्य एवं संतों की कुटिया का निर्माण कराया गया है, जबकि अनिल पाल टेंट हाउस द्वारा मंच एवं प्रवचन पंडाल का विस्तार किया गया है।
महायज्ञ में श्री धाम वृंदावन से पधारने वाले विनोद गौरव शास्त्री एवं उनकी टोली द्वारा मानस का संगीतमय पारायण पाठ किया जाएगा, जिसके लिए विशेष मंडप तैयार किया गया है।
सतबहिनी झरना तीर्थ स्थित मंदिरों की श्रृंखला में मां सतबहिनी भगवती (महादुर्गा), महाकाली, महालक्ष्मी, भैरवनाथ, भगवान भास्कर, बजरंगबली, भगवान शिव, साक्षी गणेश एवं नंदी महाराज के मंदिरों का रंग-रोगन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसके अलावा 7 मंजिली रहस्यमई साधना सह समाधि गुफा एवं प्राचीन यज्ञ मंडप का भी जीर्णोद्धार किया गया है।
इधर 2 फरवरी को निकलने वाली विराट कलश यात्रा की भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। झरना घाटी स्थित महामंदिर में प्रधान कलशों का पूजन एवं संकल्प के उपरांत हजारों श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा प्रारंभ होगी। यह यात्रा सतबहिनी से खुटहेरिया, गरदाहा, गोसांग, कोदवड़िया, खरसोता होते हुए बजरंगबली मंदिर के समीप कोयल एवं बायीं बांकी नदी के संगम तक पहुंचेगी।
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु धर्म ध्वजा, घंटा-घड़ियाल एवं बाजा-गाजा के साथ माता के भजन एवं जयकारे लगाते हुए संगम स्थल तक जाएंगे। वहां यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य के नेतृत्व में वरुण देव एवं गंगा माता का पूजन कर सभी कलशों में अभिमंत्रित जल भरवाया जाएगा, जिसे यज्ञ मंडप में स्थापित किया जाएगा।
करीब 30 किलोमीटर लंबी इस कलश यात्रा में सैकड़ों वाहन शामिल होंगे। महाप्रसाद वितरण के पश्चात श्रद्धालु अपने-अपने घर लौटेंगे। कलश यात्रा का नेतृत्व महायज्ञ अध्यक्ष महामंडलेश्वर श्री प्रेम शंकर दास जी महाराज, मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह एवं सचिव पंडित मुरलीधर मिश्र करेंगे। इस दौरान समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।











