झारखंड के गढ़वा जिले के सगमा प्रखंड क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। धुरकी थाना क्षेत्र के धोबनी गांव निवासी 55 वर्षीय लालबिहारी कोरवा की अखंड कीर्तन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, लालबिहारी कोरवा शुक्रवार शाम सगमा प्रखंड के पूतूर गांव में आयोजित अखंड कीर्तन में शामिल होने पहुंचे थे। वे कीर्तन में नाल वादक के रूप में योगदान दे रहे थे। बताया जाता है कि रात लगभग साढ़े 11 बजे उन्होंने कीर्तन में मौजूद लोगों से कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है। इसके बाद वे आराम करने के लिए बाहर निकले, तभी अचानक गिर पड़े। जब तक लोग कुछ समझ पाते, उनकी मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हार्ट अटैक से उनकी मृत्यु हुई।
परिजनों के अनुसार, लालबिहारी की तबीयत कई दिनों से खराब चल रही थी और वे शारीरिक रूप से काफी कमजोर थे। इसके बावजूद संगीत के प्रति उनका प्रेम उन्हें कीर्तन में खींच लाया। ग्रामीणों ने बताया कि वे बचपन से ही संगीत प्रेमी थे और जहां भी भजन-कीर्तन होता, बिना बुलाए शामिल हो जाते थे। शुक्रवार को भी घरवालों के मना करने के बावजूद वे करीब आठ किलोमीटर पैदल चलकर पूतूर गांव पहुंचे थे।
घटना की सूचना मिलते ही धोबनी गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि इस वर्ष उन्होंने अपने एक बेटे और एक बेटी की शादी तय की थी, लेकिन उससे पहले ही उनका निधन हो गया। वे अपने पीछे पत्नी समेत चार बच्चों को छोड़ गए हैं।
गांव में अब इस बात की चर्चा है कि परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।











