Location: Meral
मेराल। विश्वकर्मा समाज द्वारा गुरुवार को टंडवा स्थित सुरेंद्र विश्वकर्मा के आवास पर देश के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र विश्वकर्मा ने देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म पंजाब के संध्वा गांव में हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में उनका नाम ज्ञानी सिंह था, लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई बार जेल जाने के कारण उनका नाम ज्ञानी जैल सिंह के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
उन्होंने बताया कि ज्ञानी जैल सिंह का राजनीतिक सफर अत्यंत प्रेरणादायी रहा। वे पंजाब के मुख्यमंत्री से लेकर देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंचे। सुरेंद्र विश्वकर्मा ने लोगों से उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आनंद विश्वकर्मा, उमेश विश्वकर्मा, आशुतोष विश्वकर्मा, रंजीत विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, राममिलन विश्वकर्मा, बाबू लोहार, शिवनाथ विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित











