Location: Garhwa
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं भू-अर्जन से संबंधित परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के तकनीकी पदाधिकारियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
समीक्षा के दौरान डीएमएफटी, अनटाइड फंड, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, कल्याण विभाग, आकांक्षी जिला निधि सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वित्तीय व्यय एवं लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी परियोजनाओं का निष्पादन निर्धारित मानकों एवं तकनीकी प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने आवंटित राशि का समयबद्ध एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति में संतुलन बनाए रखने तथा अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिले में चल रही भू-अर्जन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार ने विभिन्न परियोजनाओं के तहत भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान एवं निर्माण कार्यों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 23 परियोजनाएं संचालित हैं, जिनमें अधिकांश निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं तथा कुछ परियोजनाओं में 10 से 15 प्रतिशत कार्य शेष है, जिसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। अधिग्रहित भूमि के बदले रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है।
समीक्षा के दौरान एनएच-75 लगमा-करकोमा-हासनदाग-तसरार पथ चौड़ीकरण, एनएच-75 से बंशीधर मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण, डेंटल मोड़ से नावादोहरी पथ, नामधारी कॉलेज से पचपड़वा मार्ग, रमना-मझिआंव पथ, ऊंटारी भवनाथपुर-खरौंधी डाला पथ, उपकारा नगर ऊंटारी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट, सोन-कनहर परियोजना, कांडी वितरणी परियोजना तथा उत्तरी कोयल परियोजना समेत कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े अंचल अधिकारियों को भू-अर्जन से संबंधित एलपीसी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राथमिकता के आधार पर तैयार कर समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को 15 दिनों के भीतर सभी परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब, लापरवाही अथवा उदासीनता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता विकास कुमार राय, जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अर्चना सिन्हा, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, एनएचएआई के परियोजना निदेशक, वैपकॉस लिमिटेड के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।











