Location: पलामू
मेदिनीनगर। राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध पर शिकंजा कसते हुए पलामू जिले से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों के बैंक खातों में साइबर ठगी से अर्जित करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए थे। पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर मेदिनीनगर शहर थाना से राजस्थान ले गई है।जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी।राजस्थान से विशेष रूप से आए एसआई रोहित कुमार और एएसआई बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से राज्य में साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी सिलसिले में जांच के दौरान पलामू के इन दोनों युवकों के बैंक खातों पर संदेह गहराया। पुलिस को ठोस सबूत मिले कि उनके अकाउंट में ठगी की रकम पहुंची है। इसके बाद स्थानीय शहर थाना की पुलिस की मदद से दोनों को दबोचा गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच से यह मामला किसी बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा लग रहा है। संभावना जताई जा रही है कि गिरफ्तार युवक किसी गिरोह के लिए फर्जी खातों या अपने नाम से खाता उपलब्ध कराते थे, जिसमें ठगी की रकम जमा होती थी। अब पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवकों की भूमिका महज खाते उपलब्ध कराने तक सीमित थी या वे सीधे ठगी की वारदातों में शामिल थे।राजस्थान पुलिस ने यह भी संकेत दिया कि पूरे मामले में कई और लोग शामिल हो सकते हैं। टीम अन्य खातों और ट्रांजैक्शन्स की जांच कर रही है। जल्द ही इस गिरोह का बड़ा नेटवर्क बेनकाब होने की संभावना जताई जा रही है।स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।गांव-इलाके में चर्चा है कि साइबर ठगी जैसे अपराध धीरे-धीरे पलामू के युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन लगातार युवाओं को साइबर अपराध से दूर रहने और वैध रोजगार अपनाने की सलाह देता रहा है, लेकिन आसान पैसे की लालच कई बार उन्हें गलत राह पर धकेल देती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध कितना भी बड़ा या छोटा क्यों न हो, आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।











