Location: Garhwa
धान की फसल रौंदी, घर और बाइक को भी पहुंचाया नुकसान
रंका। रंका थाना क्षेत्र के दूधवल पंचायत के गांगूडीह गांव में गुरुवार सुबह हाथी के हमले में रामसकल मांझी (लगभग उम्र उपलब्ध नहीं), पिता शिव कुमार मांझी की मौत हो गई। बताया गया कि रामसकल मांझी अन्य लोगों के साथ जंगल में जंगली फल-फूल, खुखड़ी और अन्य सामग्री की तलाश में गया था। इसी दौरान हाथियों के झुंड ने लोगों को दौड़ा दिया। अन्य लोग भागकर बच गए, लेकिन एक हाथी ने रामसकल मांझी को करीब 200 मीटर तक दौड़ाकर पकड़ लिया और पटकने के बाद पैरों से कुचल दिया। घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।
ग्रामीण श्याम कुमार सिंह के अनुसार, घटना के बाद रामसकल मांझी की पत्नी शारदा देवी, सास/ससुर तथा अन्य ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में श्याम कुमार सिंह, सुरेश यादव, मंदीप मांझी, विनोद सिंह, लल्लू मांझी, संदीप यादव, सकेन्द्र यादव समेत करीब दस ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे, जहां रामसकल मांझी मृत पड़ा मिला। इसकी सूचना मुखिया इजहार अंसारी को दी गई।
मुखिया इजहार अंसारी ने बताया कि घटना की जानकारी गढ़वा जिला वन पदाधिकारी इबिन बेनी अब्राहम को दी गई है। वन विभाग की ओर से शव को जंगल से बाहर लाने के लिए टीम गठित करने की बात कही गई है। समाचार लिखे जाने तक रंका थाना पुलिस घटनास्थल पर नहीं पहुंची थी।
रातभर हाथियों का उत्पात
इधर, गुरुवार रात भी क्षेत्र में हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। चुतरू पंचायत के बाजारटांड़ टोला में रात करीब 11 बजे हाथी ने दिलबहार अंसारी, पिता सैफुल्ला अंसारी के घर के पास खड़ी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल को सूंड़ से उठाकर पटक दिया। इसके बाद करीब 50 डिसमिल जमीन में लगी धान की फसल को खा गया और रौंदकर नष्ट कर दिया।
रात करीब दो बजे बरदरी के नटवा बर बुढ़िया डेरा टोला में हाथियों ने नाथूराम रवि, ब्रह्मदेव कोरवा और विनोद सिंह के घरों को गिरा दिया। इसके बाद करीब तीन बजे हाथियों का झुंड समशेर आलम के घर के पास स्थित मक्का के खेत में पहुंचा और फसल को नुकसान पहुंचाते हुए पहाड़ी वन क्षेत्र की ओर चला गया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग वन विभाग से हाथियों से सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करने की मांग कर रहे हैं।










