Location: Meral
मेराल (गढ़वा): मेराल प्रखंड के संगबरिया पंचायत अंतर्गत राजहरा गांव में एक महिला की जहर खाने से मौत हो गई। मृतका की पहचान अनवर अंसारी की पत्नी रबीना खातून के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, पक्का आवास नहीं होने से उपजे पारिवारिक विवाद के बाद महिला ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना के बाद अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीण कदम रसूल अंसारी ने बताया कि लंबे समय से पक्का घर नहीं होने के कारण दंपती के बीच अक्सर विवाद होता था। मंगलवार को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद महिला ने मानसिक तनाव में कथित रूप से जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए डाल्टनगंज रेफर किया गया। हालांकि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जरूरतमंद परिवार को समय पर सरकारी आवास का लाभ मिल गया होता, तो संभव है कि ऐसी दुखद घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पात्र परिवार वर्षों से आवास योजना की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं, जबकि अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं।
ग्रामीणों ने सरकार और जिला प्रशासन से मृतका के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और पात्र लाभुकों के सही चयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
बीडीसी प्रतिनिधि रमेश बैठा ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की आवास योजनाओं का उद्देश्य गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, लेकिन कई जरूरतमंद परिवार अब भी इससे वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि यदि मृतका का परिवार पात्र है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर आवास योजना का लाभ दिया जाए।
नोट: समाचार में आवास के अभाव और महिला की मौत के बीच संबंध परिजनों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधि के दावों पर आधारित है। इस संबंध में प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि या जांच रिपोर्ट का इंतजार है।











