Location: Ranka
रंका/गढ़वा: बुधवार को उपायुक्त गढ़वा दिनेश कुमार यादव के रंका प्रखंड कार्यालय दौरे के दौरान मुख्य द्वार पर आधा दर्जन से अधिक पंचायतों के ग्रामीणों ने मनरेगा योजना में धांधली की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद हासिम द्वारा मनरेगा योजनाओं में मनमानी करते हुए लाखों रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम् बेला तोपनो को फटकार लगाते हुए दो दिनों के भीतर जांच कर रिपोर्ट देने और दोषियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने ग्रामीणों से यह भी कहा कि यदि तय समय पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे समाहरणालय आकर उनसे मिलें।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में कहा गया है कि प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद हासिम और प्रखंड विकास पदाधिकारी की मिलीभगत से रंका प्रखंड की चौदह पंचायतों में केवल विश्रामपुर पंचायत में डेढ़ दर्जन से अधिक डोभा योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं में राशि निकासी के लिए प्रति योजना कम से कम 30 मजदूरों का डिमांड किया गया है, जबकि नियम के अनुसार केवल 10 से 15 मजदूरों का डिमांड किया जाना चाहिए।
आरोप है कि उप विकास आयुक्त द्वारा नए कार्य स्वीकृति पर रोक की बात कहकर प्रति योजना 10 से 15 हजार रुपये की वसूली की जा रही है। योजनाओं की स्वीकृति भी खास लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। वहीं, बाकी तेरह पंचायतों के लोगों को यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि जिले से नई योजनाओं की स्वीकृति पर रोक है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह गड़बड़ी पिछले कई महीनों से चल रही है, जिसमें अन्य अधिकारियों की भी मिलीभगत बताई जाती है।
इस मामले में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद हासिम का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर 9570022300 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।











