Location: Manjhiaon
मझिआंव (गढ़वा), प्रतिनिधि: गढ़वा जिले के मझिआंव प्रखंड में अंचल पदाधिकारी (सीओ) प्रमोद कुमार द्वारा दो रैयतों से कथित तौर पर जमीन संबंधित कार्य कराने के नाम पर लिए गए पैसे की वापसी मांगने पर उत्पीड़न का मामला सामने आया है। रैयतों ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जब उन्होंने सीओ से दिए गए पैसे की वापसी की मांग की, तो पहले उन्हें अंचल कार्यालय के नजारत कक्ष में बंद कर पीटने की कोशिश की गई, और बाद में उन्हें बीच सड़क पर दौड़ा कर मारने का प्रयास किया गया। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं।
पीड़ित रैयत नरविद कुमार और श्याम बिहारी साव ने थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि उन्होंने मकान निर्माण के लिए सुरेंद्र सिंह से जमीन (खाता संख्या 333, प्लॉट संख्या 148 एवं 257) खरीदी थी, लेकिन सुरेंद्र सिंह के छोटे भाई महेंद्र सिंह ने निर्माण रोक दिया। इस विवाद के निपटारे के लिए सीओ प्रमोद कुमार द्वारा उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसमें 30 हजार रुपये सीओ के चालक अमित कुमार को और बाद में 20 हजार रुपये दिए गए। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
सुनिए पीड़ित रैयतों ने क्या कहा
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने शुक्रवार को पैसे की वापसी की मांग की तो सीओ ने उन्हें कमरे में बंद कर गार्ड से “औजार लाने” की बात कहते हुए डराया और जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह वे भाग निकले, लेकिन सीओ एवं उनके गार्डों ने उन्हें अंचल कार्यालय से लेकर अंबेडकर चौक तक बीच सड़क पर दौड़ाया। राहगीरों के सामने हुई इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ितों ने आरोप लगाया कि सीओ ने उन्हें हरिजन एक्ट में फंसाने और सरकारी कार्य में बाधा के झूठे मुकदमे की धमकी भी दी। उन्होंने थाना में आवेदन देकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की है और दिए गए पैसे की वापसी के लिए कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।
इस संबंध में मझिआंव अंचल पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा, “पैसा किसे दिया, इसका प्रमाण क्या है? जो कागजी प्रक्रिया करनी थी, वह मैंने पूरी कर दी है। जमीन पर दखल कब्जा दिलवाना सीओ का काम नहीं है कि वह खड़ा होकर किसी का घर बनवाए।”
वहीं, मझिआंव थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि वे फिलहाल थाना से बाहर हैं। आवेदन मिला है, मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।











