रांची : भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप में पाकिस्तान को हराकर इतिहास रच दिया है। एशिया कप के इतिहास में पहली बार भारत और पाकिस्तान के बीच में फाइनल मुकाबला हुआ और इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया। भारत के शेरों ने देशवासियों को दुर्गा पूजा व दशहरा का शानदार तोहफा दिया है। त्योहार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। जीत के हीरो रहे तिलक वर्मा। खेल की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट टीम लड़खड़ा गई थी। लेकिन तिलक वर्मा और संजू सैमसंग ने टीम को संभाला और जीत के दरवाजे पर पहुंचा। सैमसंग के आउट होने पर शिवम दुबे ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। गेंदबाजों ने भी कमाल की गेंदबाजी की। भारतीय क्रिकेट टीम की जीत खास है। भारतीय टीम ने नया इतिहास रचा है। एशिया कप में भाग लेने के लिए भारतीय टीम जब गई तो इसकी आलोचना हुई। पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके बाद ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए एक वर्ग ने एशिया कप में भाग लेने पर भारतीय क्रिकेट टीम, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और केंद्र सरकार की खूब आलोचना की। आलोचना करने वालों की संख्या अधिक थी। तब क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और केंद्र सरकार केंद्र सरकार ने संयम दिखाया। कहा कि एशिया कप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंट है इसलिए इसमें भाग लेना जरूरी है। भाग नहीं लेने से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि खराब होगी और पाकिस्तान को इसका फायदा होगा। सहानुभूति मिलेगी। खेल को खेल ही रहने दिया जाए। इसे अन्य मामलों से न जोड़ा जाए। इस मामले में देश के लोगों की दो राय थी। जहां विरोध करने वालों की संख्या थी तो समर्थकों की भी संख्या थी। मेरा यह मानना है कि भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में भाग लेकर बेहतर फैसला लिया था। अब इसके जो नतीजे सामने आए हैं वह उत्साहवर्धक और देश का गौरव बढ़ाने वाला है। पाकिस्तान को लगातार तीन तीन मैचों में हराकर भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। टीम अगर टूर्नामेंट में भाग नहीं लेती तो पाकिस्तान को भारत के खिलाफ बोलने का मौका मिल जाता। अब हमने खेल के मैदान में पाकिस्तान को हराकर उसको करारा जवाब दिया है। साथी इतिहास भी रच दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद खेल में भी भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी है। भारत के लिए यह गौरव का क्षण है। टीम यदि टूर्नामेंट में शामिल नहीं होती तो इतिहास रचने से भी चूक जाती। भारत में जश्न है और पाकिस्तान में मातम।











