Location: चिनियां
झारखंड के गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिरका गांव स्थित आमाटोली टोला में गुरुवार देर रात जंगली हाथी के हमले में एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। जंगलों से घिरे इस दुर्गम इलाके में हाथी द्वारा घर ध्वस्त किए जाने और महिला को कुचलकर मार डालने की घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष और प्रशासनिक पहुंच की कमी को उजागर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, झुंड से भटका एक जंगली हाथी गुरुवार रात करीब 12 बजे आमाटोली में घुस आया और प्रभु कोरवा का कच्चा मकान पूरी तरह तोड़ दिया। उस समय प्रभु कोरवा और उनकी 52 वर्षीय पत्नी गीता देवी घर के अंदर सो रहे थे। मकान गिरने की तेज आवाज से दोनों की नींद खुल गई। प्रभु कोरवा किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अंधेरे और अफरा-तफरी के बीच गीता देवी बाहर नहीं निकल सकीं। इसी दौरान हाथी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया और मौके पर ही कुचलकर उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी शुक्रवार सुबह मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और इसकी सूचना चिनिया थाना तथा वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने पर चिनिया थाना प्रभारी अमित कुमार और वन विभाग की टीम चिरका डैम स्थित हाथी टावर तक तो पहुंची, लेकिन आमाटोली तक सड़क नहीं होने के कारण घटनास्थल तक नहीं जा सकी।
प्रशासन के घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाने से ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। बाद में काफी समझाने-बुझाने के बाद ग्रामीणों ने नाव के सहारे शव को नदी पार कराया और लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर चादर में लिपटे शव को कंधे पर उठाकर चिरका डैम हाथी टावर तक लाए। वहां लगभग सुबह 11 बजे पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजा गया।
वन विभाग के प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने पीड़ित परिवार को तत्काल दाह-संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की नगद सहायता प्रदान की। उन्होंने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतका के परिजनों को शेष मुआवजा राशि तथा क्षतिग्रस्त मकान का मुआवजा दिया जाएगा। थाना प्रभारी की ओर से पीड़ित परिवार को दो कंबल भी उपलब्ध कराए गए।
ग्रामीणों ने बताया कि आमाटोली करीब 30–35 घरों का टोला है, जहां आजादी के दशकों बाद भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है। बरसात के मौसम में नदी के तेज बहाव के कारण गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है और ग्रामीणों को जंगल के रास्ते करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर चिनिया मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि हाल के वर्षों में हाथियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे पूरे प्रखंड में दहशत का माहौल है, लेकिन हाथियों को भगाने या स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
घटनास्थल पर भाजपा प्रखंड अध्यक्ष राजेश प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि जगदीश सिंह, रामसागर यादव सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही।











