Location: पलामू
मेदिनीनगर (पलामू)। राज्य के वित्त, वाणिज्यकर, योजना एवं विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय बैंकर्स समीक्षा बैठक में विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन, ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो), शाखा विस्तार, वार्षिक ऋण योजना तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में दिलीप प्रताप सिंह शेखावत सहित विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय, एसएलबीसी एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में मंत्री ने जिले का सीडी रेश्यो 36 प्रतिशत रहने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक में यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था, लेकिन चार माह के दौरान इसमें वृद्धि होने के बजाय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि बैंकों का दायित्व केवल जमा राशि बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर ऋण प्रवाह बढ़ाकर आर्थिक गतिविधियों को गति देना भी है। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि जिन बैंकों का सीडी रेश्यो लगातार खराब रहेगा, उनमें सरकारी राशि रखने के विषय में पुनर्विचार किया जाएगा।
उन्होंने सभी बैंकों की जमा राशि, ऋण वितरण और लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए कृषि, स्वरोजगार और लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ऋण वितरण में तेजी लाने का निर्देश दिया।
बैठक में जिले के बैंकिंग नेटवर्क की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पलामू में विभिन्न बैंकों की कुल 145 शाखाएं संचालित हैं। मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है। जिन बैंकों की जिले में केवल एक या सीमित शाखाएं हैं, उन्हें नए शाखा विस्तार पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पलामू एक आकांक्षी जिला है और इसके समग्र विकास में बैंकिंग संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मंत्री ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना बैंकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके अलावा वार्षिक ऋण योजना, बकाया अग्रिम, अनुसूचित जाति एवं जनजाति ऋण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, बैंक मित्र (बीसी) नेटवर्क तथा सरकार प्रायोजित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने बैंकों से समन्वय स्थापित कर वित्तीय समावेशन, स्वरोजगार और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करने का आग्रह किया। बैठक में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, ऋण वितरण में सुधार लाने तथा सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी संचालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।











