Location: Manjhiaon
मझिआंव : नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड 10 अंतर्गत भुसुआ गांव में हाजी तुफैल अहमद के आवास के पास शनिवार शाम आयोजित किसानों की बैठक में सरकार के खिलाफ नाराज़गी ज़ाहिर की गई। बिंदेश्वरी पाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लगभग आधा दर्जन गांव के किसान शामिल हुए।
किसानों ने आरोप लगाया कि मझिआंव में अब तक धान क्रय केंद्र (पैक्स) नहीं खोला गया है, जिसके कारण वे मजबूरी में अपना धान बिचौलियों को औने–पौने दाम पर बेचने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि खेती उधार लेकर करने के बाद जब धान सही मूल्य पर नहीं बिकता, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जाती है। छोटे व्यापारी और बाहर से आने वाले बड़े व्यापारी भी किसानों से कम कीमत पर धान उठाकर ले जा रहे हैं।
किसानों ने कहा कि जब धान बिक ही जाएगा, तब बाद में पैक्स खोलने का कोई लाभ नहीं होगा। बैठक में पाल टोला और अंसारी टोला के किसान—पूर्व वार्ड पार्षद इबरार खान, रोस्तम अंसारी, मुस्लिम अंसारी, सादाम अंसारी, आज़ाद अंसारी, नसीमुद्दीन अंसारी, अहमद अंसारी, मोहम्मद नेजाम अंसारी, मोहम्मद कलिम अंसारी, अवधेश पाल, सुरेश पाल, शर्मा पाल, दयानंद पाल, मोहम्मद हसीन अहमद सहित अनेक किसानों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि—
- 9 दिसंबर 2025 तक
- धान क्रय केंद्र (पैक्स) खोला जाए।
- सभी किसानों का धान आधार कार्ड के आधार पर खरीदा जाए।
- खजुरी पंचायत के भुसुआ, आमर, बिरबंधा और खजुरी गांव को मझिआंव नगर पंचायत से अलग किया जाए।
- मांगें पूरी नहीं होने पर
10 दिसंबर को प्रखंड क्षेत्र के किसान, मजदूर और ग्रामीण मिलकर अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना देंगे।
किसानों ने चेतावनी दी कि इसकी पूरी ज़िम्मेदारी झारखंड सरकार और गढ़वा जिला उपायुक्त की होगी।
उधर, इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल पदाधिकारी श्रीमती कनक ने बताया कि नगर पंचायत से गांवों को अलग करने के मुद्दे पर पदाधिकारियों की बैठक कर राज्य सरकार को पत्राचार भेज दिया गया है। वहीं, धान क्रय केंद्र खोलने को लेकर बैठक तो हो चुकी है, लेकिन अभी क्रय केंद्र खोलने की निर्धारित तिथि प्राप्त नहीं हुई है।











