Location: Garhwa
गढ़वा। दिनांक 27 फरवरी 2026 को नगर परिषद गढ़वा के चुनाव में झामुमो समर्थित प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। झारखंड आंदोलनकारी विजय ठाकुर ने बयान जारी कर कहा कि जिला मुख्यालय में जिला, प्रखंड तथा पंचायत स्तर पर बड़ी संख्या में नेताओं की मौजूदगी के बावजूद विधानसभा और नगर परिषद चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है, जिसके लिए जिम्मेदार कौन है, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य कराने वाले पूर्व मंत्री को बार-बार धोखा दिया जा रहा है। इससे यह प्रतीत होता है कि जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर के कई पार्टी पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में ऐसे कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता हैं, जो अपने बूथ तक को जीताने में सक्षम नहीं हैं।
विजय ठाकुर ने कहा कि फिलहाल पार्टी में लालच, निकम्मापन और चापलूसी करने वाले लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है, जो पार्टी के बजाय अपने निजी विकास पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के करीबी रहे तीन-तीन पूर्व विधायक प्रतिनिधियों ने नगर परिषद चुनाव में पार्टी के खिलाफ खड़े होकर भीतरघात किया।
उन्होंने कहा कि पुराने समर्पित नेताओं को दरकिनार कर दूसरे दलों से आए लोगों की बातों पर अधिक भरोसा किया जा रहा है, जिसका परिणाम चुनावी हार के रूप में सामने आ रहा है। उनका कहना था कि 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को ठीक से परख नहीं पाना भी एक बड़ा कारण है।
विजय ठाकुर ने कहा कि पहले झारखंड आंदोलन के समय और उसके कुछ वर्षों बाद तक जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों का चयन मतदान के माध्यम से किया जाता था, लेकिन अब मनोनयन की परंपरा बढ़ गई है। झूठी शानो-शौकत देखकर लोगों को पद दे दिया जाता है, जिससे पार्टी संगठन अंदर से कमजोर होता जा रहा है।
उन्होंने सुझाव दिया कि पार्टी में जिम्मेदार, निष्ठावान और जनाधार वाले कार्यकर्ताओं को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। साथ ही पुराने और नए नेताओं की संयुक्त बैठक कर सर्वसम्मति से संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने चाहिए, ताकि पार्टी को मजबूत बनाया जा सके।