Location: पलामू
पलामू: रांची के पिथौरिया में सनातनी एवं सरना समाज के प्रतिनिधियों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत ने की। बैठक में धर्मांतरण, सरना आदिवासियों के अधिकार, धार्मिक जागरूकता तथा डीलिस्टिंग जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे। पलामू से शामिल अविनाश राजा ने जिले में कथित धर्मांतरण की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि इस विषय पर समाज में व्यापक जागरूकता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि जल्द ही सरना-सनातनी जागरूकता यात्रा शुरू की जाएगी, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का सहयोग लिया जाएगा।
बैठक के दौरान अविनाश राजा और निशा भगत ने आगे की रणनीति पर चर्चा की। इस दौरान वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। अविनाश राजा ने कहा कि पलामू जिले में भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि होने के बावजूद कथित धर्मांतरण की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलितों को डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बौद्ध धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को केवल सत्ता संचालन के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपेक्षा के साथ चुना है। बैठक में डीलिस्टिंग के मुद्दे पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
(नोट: धर्मांतरण और अन्य आरोप बैठक में वक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।)











