टूट गया सरकारी दामाद का सपना

रांची: छात्र आंदोलन के दबाव में झारखंड सरकार ने सीजीएल परीक्षा परिणाम रद्द करने की घोषणा की है. रद्द इसलिए की गई है क्योंकि इसमें भारी गड़बड़ी हुई है. पैसे लेकर नौकरी दी गई. परिणाम रद्द करने से 1975 नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं. एक झटके में 1975 लोगों की नौकरी चली गई. इनकी नौकरी रहेगी या जाएगी इस संबंध में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि नियुक्ति रद्द करना आसान फैसला नहीं है. प्रभावित लोग हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे. कोर्ट के फैसले पर सब कुछ निर्भर करेगा.
   फैसले के एक अन्य पहलू पर हम चर्चा करेंगे. सरकारी नौकरी मिलते हैं अविवाहित युवाओं की डिमांड हाई हो गई. लड़की वालों की लाइन लग गई. अभी भी सरकारी दामाद उतारना या खोजना हर पिता का सपना है. छोटी सी नौकरी भी सरकारी हो तो भी मारामारी की स्थिति हो जाती है.
एक अनार सौ बीमार वाली कहावत चरितार्थ होती है.
   मैं ऐसे कई युवकों को जानता हूं जिनकी नियुक्ति सीजीएल में हुई थी. लड़के के अभिभावकों की तो लॉटरी लग गई. बेटा सरकारी नौकरी में है तो फिर दिमाग आसमान पर. पैर जमीन पर नहीं. अपनी औकात भूल गए. रिश्ते- नाते भूल गए.
लड़की वाले जब उनके दरवाजे पर पहुंचे तो 40 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की डिमांड हुई. सोना- गहना और गाड़ी अलग. पैसे वालों ने इन लड़कों को खरीद लिया. दुल्हो की बाजार सजी और बिक्री हुई. बोली लगाई गई. डाक हुआ. बीते 8 महीने में दुल्हों की बाजार खूब से सजी. कुछ शादियां हो गईं. कुछ होने वाली है. सगाई हो चुकी है और तिथि फाइनल है.
मैं भी लकड़ी वाला हूं. कुछ मित्रों और रिश्तेदारों ने सरकारी नौकरी वाले लड़कों की जानकारी दी. लेकिन साथ में यह भी कहा आप पत्रकार हैं. आप पैसा नहीं दे पाएंगे. आपके पास पैसा कहां है इसलिए आपकी दाल नहीं गलेगी. जानकारी रहते हुए भी मैंने प्रयास नहीं किया. क्योंकि यह मेरे बूते  की बात नहीं थी. मैं सरकारी दामाद नहीं खरीद सकता हूं.
अब सवाल उठता है की एक झटके में नौकरी चली गई और जिन्होंने जीवन भर की कमाई सरकारी दामाद पर लगाई है अब उनका क्या होगा. उन लड़कियों का क्या होगा जिन्होंने सपने सजा रखे हैं. यानी एक एक बहुत बड़ा वर्ग और प्रभावित हुआ है. हसीन सपने बिखर गए. सरकारी दामाद का सपना टूट गया. ऐसे परिवारों में भी मातम का माहौल है.
सरकार के फैसले से ऐसे बहुत युवा भी प्रभावित हुए हैं जिन्होंने मेहनत और संघर्ष की बदौलत नौकरी हासिल की थी. पैसे वालों और नौकरी बेचने वालों ने इनका करियर भी खतरे में डाल दिया है.
  

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  • Sunil Singh

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