Location: Garhwa
गढ़वा:
झारखंड शिक्षा परियोजना, गढ़वा की ओर से आयोजित कार्यक्रम “Garhwa Learns, Garhwa Leads” का उद्घाटन उपायुक्त गढ़वा दिनेश यादव की अध्यक्षता में टाउन हॉल, गढ़वा में किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिनेश यादव ने कार्यक्रम की शुरुआत के लिए सभी शिक्षाकर्मियों एवं पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव मूल्यों के विकास का सर्वोत्तम साधन है और वास्तविक विकास तभी संभव है जब शिक्षण कार्य सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि “Garhwa Learns, Garhwa Leads” कार्यक्रम की शुरुआत जिले में शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक सुधार लाने के उद्देश्य से की गई है।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा अन्य सभी क्षेत्रों से भिन्न है, इसलिए शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों को नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि यह कार्ययोजना District Education Innovation Challenge (DEIC) एवं District Education Performance Review Indicator के अंतर्गत गढ़वा जिले के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर एक कार्यदल का भी गठन किया गया है।
इससे पूर्व जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रजा ने कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि उपायुक्त के निर्देश के आलोक में तैयार इस कार्ययोजना को “Garhwa Learns–Garhwa Leads” नाम दिया गया है। शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में गुणात्मक प्रगति लाने हेतु जिला स्तर पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का निर्माण किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत मिशन रेड अलर्ट, गढ़वा स्पीक्स, स्मार्ट क्लास फॉर ए स्मार्टर माइंड, परख, पीएम पोषण, ग्रीन स्कूल–क्लीन स्कूल, इग्नाइट इनोवेशन, डेस्टिनेशन एवं फ्रॉम एजुकेशन टू प्रोस्पेरिटी जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का नामांकन सुरक्षित करना, उपस्थिति बढ़ाना एवं ड्रॉपआउट रोकना मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों में अभिव्यक्ति क्षमता का विकास करना, मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाना तथा झिझक को दूर करना है। साथ ही पीएम पोषण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, वार्षिक खेलकूद, पाठ्य सहगामी कार्यक्रमों का संचालन एवं विज्ञान, सामाजिक विज्ञान व नवाचार प्रयोगशालाओं का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत जिला स्तर पर विद्यालयों का मूल्यांकन कर प्रत्येक प्रभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया जाएगा।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने Garhwa Learns–Garhwa Leads के अंतर्गत गठित जिला एवं प्रखंड स्तरीय नोडल शिक्षक, सीआरपी, बीआरपी, वीपीओ, बीपीएम एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से अवगत कराते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, डालसा सचिव एन.आर. लकड़ा सहित संबंधित बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी, बीपीओ/बीपीएम, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित थे।











