Location: Meral
करीब अंसारी ने जान का खतरा बताकर मांगी सुरक्षा
कहा- मेरे खिलाफ साजिश रचने के पीछे कौन है, प्रशासन इसका खुलासा करे, मुख्यमंत्री समेत राजद प्रदेश नेतृत्व और मंत्री संजय यादव से भी सुरक्षा की अपील
मेराल। राष्ट्रीय जनता दल के गढ़वा जिला कार्यकारी अध्यक्ष एवं मेराल दक्षिणी की जिला परिषद सदस्य रौशन परवीन के पिता करीब अंसारी ने अपनी और अपने परिवार की जान को खतरा बताते हुए प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। शनिवार को मेराल थाना क्षेत्र के तीसर टेटूका स्थित अपने पैतृक आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अपनी बात रखते-रखते करीब अंसारी भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से उन्हें लगातार भय और दबाव के माहौल में रहना पड़ रहा है।
रोते हुए करीब अंसारी ने कहा कि जब से उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल की सक्रिय राजनीति में कदम रखा और उन्हें पार्टी का कार्यकारी जिला अध्यक्ष बनाया गया, तभी से उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि कई बार संदिग्ध लोगों द्वारा उनका पीछा किया गया है और उनके घर के आसपास भी संदिग्ध गतिविधियां देखी गई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि उन्हें किसी फर्जी मुकदमे में फंसाकर गिरफ्तार कराया जा सकता है अथवा उनकी हत्या तक की साजिश रची जा सकती है।
करीब अंसारी ने कहा कि वे जहां भी जाते हैं, कुछ संदिग्ध लोग उनका पीछा करते हैं। उनके रुकने पर वे लोग भी कुछ दूरी पर रुक जाते हैं। इस स्थिति ने उन्हें इतना भयभीत कर दिया है कि वे अपने ही गांव में सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भय के कारण उन्हें लगभग कैद जैसा जीवन जीना पड़ रहा है।
‘मेरी हत्या की साजिश के पीछे कौन है, प्रशासन इसका खुलासा करे’
करीब अंसारी ने भावुक होकर कहा कि आखिर उनके खिलाफ यह साजिश कौन रच रहा है, इसका खुलासा प्रशासन को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत द्वारा उनके मोबाइल नंबर की लोकेशन की निगरानी की जा रही है। उन्होंने थाना प्रभारी पर राजनीतिक रूप से उन्हें निशाना बनाने, मुस्लिम नेताओं के साथ अपमानजनक व्यवहार करने तथा असामाजिक तत्वों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील
करीब अंसारी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने भावुक होकर कहा कि झारखंड में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गठबंधन को समर्थन और वोट दिया है। ऐसे में गठबंधन सरकार में शामिल उनकी पार्टी के एक कार्यकर्ता और जिला स्तर के पदाधिकारी को यदि अपनी जान की सुरक्षा के लिए गुहार लगानी पड़ रही है और उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है, तो यह चिंता का विषय है।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि उनकी स्थिति को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें तथा उनके परिवार को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते, बल्कि अपनी जान और परिवार की सुरक्षा चाहते हैं।
करीब अंसारी ने राजद के प्रदेश अध्यक्ष तथा झारखंड के श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण मंत्री संजय यादव से भी हस्तक्षेप करते हुए उन्हें सुरक्षा दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व उनकी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कराने की पहल करे।
सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
करीब अंसारी ने भावुक होकर जिले के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे राजनीतिक विचारधारा और मतभेद से ऊपर उठकर संकट की इस घड़ी में उनका सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आज यदि किसी व्यक्ति की जान को खतरा महसूस हो रहा है तो उसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से अपनी और अपने पूरे परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ मेराल थाना प्रभारी के तबादले की भी मांग की। साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
थाना प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार
इस संबंध में मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत ने करीब अंसारी द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पकड़ी गई बाइक को छुड़ाने के लिए करीब अंसारी द्वारा पैरवी की जाती है। पुलिस द्वारा उनकी सभी बातें नहीं माने जाने के कारण वे दुर्भावना से ग्रसित होकर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। थाना प्रभारी ने मोबाइल लोकेशन की निगरानी और अन्य लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया।











