सगमा, गढ़वा। सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारी बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवाएं इन दिनों पेंशन भुगतान में देरी के कारण बेहद कठिन हालातों का सामना कर रहे हैं। अप्रैल महीने से अब तक पेंशन की राशि नहीं मिलने के कारण इन लाभुकों को दवा से लेकर नमक तक खरीदने में परेशानी हो रही है।
ज्ञात हो कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत वृद्ध, दिव्यांग और विधवा वर्ग के लोगों को हर माह एक निश्चित पेंशन राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। यह राशि भले ही सीमित हो, लेकिन इनके जीवन में यह किसी रामबाण सहायता से कम नहीं होती।
पेंशनधारियों का कहना है कि चार माह बीत जाने के बाद भी एक भी किश्त नहीं मिली है, जबकि ‘मुख्यमंत्री ममता योजना’ की राशि कुछ युवतियों को चार महीने में दो बार मिल चुकी है। इससे यह साफ प्रतीत होता है कि सरकार वृद्ध, विधवा और दिव्यांगों के प्रति गंभीर नहीं है।
पेंशन पाने वाले बुजुर्ग और महिलाएं लगातार बैंक शाखाओं से लेकर अपने गांवों में संचालित सीएसपी (ग्राहक सेवा केंद्र) तक चक्कर काट रहे हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। स्थिति यह हो गई है कि कई वृद्धजन दवा तक छोड़ चुके हैं, और अपने दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दूसरों पर निर्भर हो रहे हैं।
पेंशनधारियों ने सरकार से मांग की है कि उनकी स्थिति पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए और लंबित पेंशन की राशि का अविलंब भुगतान सुनिश्चित किया जाए।











