Location: Garhwa
गढ़वा जिले में नवनियुक्त 426 सहायक आचार्यों के पदस्थापन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने की मांग तेज हो गई है। पूर्व उपप्रमुख एवं आजसू नेता गोरखनाथ चौधरी ने उपायुक्त को आवेदन देकर आग्रह किया है कि गोड्डा जिले की तर्ज पर सभी शिक्षकों से 5–5 विद्यालयों के विकल्प लेकर ही विद्यालय आवंटन किया जाए।
जिले में 256 इंटरमीडिएट सहायक आचार्य और 170 स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य नियुक्त हुए हैं। शिक्षकों का कहना है कि विकल्प आधारित पदस्थापन नहीं होने पर कई शिक्षकों को मनानुकूल विद्यालय नहीं मिल पाएगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
गोड्डा में विकल्प आधारित पदस्थापन को पारदर्शी और विवाद-रहित मॉडल माना गया था। गढ़वा के शिक्षक चाहते हैं कि इसी मॉडल को अपनाकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि 2015–16 में प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति के दौरान भी गढ़वा में 5–5 विकल्प लेकर पदस्थापन किया गया था।
मामले पर उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा है कि नियमावली और SOP के अनुरूप न्यायसंगत पदस्थापन किया जाएगा। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है।
अब जिलेभर के शिक्षकों की नजर जिला शिक्षा विभाग पर है कि क्या गढ़वा भी गोड्डा मॉडल अपनाएगा।











