Location: Garhwa
गढ़वा।
जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत उस वक्त उजागर हो गई जब सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी ने शुक्रवार को कई निजी अस्पतालों पर औचक छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
छापेमारी में कई अस्पतालों में क्वालिफाइड डॉक्टर मौजूद ही नहीं मिले। कई जगह तो जिन डॉक्टरों के नाम पर अस्पताल का पंजीकरण हुआ था, वे अस्पताल में दिखे ही नहीं और अस्पताल झोलाछापों के भरोसे चल रहा था।
सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जिन अस्पतालों और क्लिनिकों को सर्जरी की अनुमति तक नहीं है, वहां बड़े-बड़े ऑपरेशन किए जा रहे हैं। और तो और, कई जगह महिलाओं का गर्भाशय (यूट्रस) ऑपरेशन भी धड़ल्ले से हो रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ जगह झोलाछाप चिकित्सक ही गर्भाशय का ऑपरेशन कर रहे थे।
सिविल सर्जन ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि या तो अस्पताल अपनी व्यवस्था दुरुस्त करें या फिर बंद होने के लिए तैयार रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि अब नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी संचालकों पर सख्त कार्रवाई होगी।











